महाराष्ट्र: नए मुख्यमंत्री के साथ ही सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बीच गुरुवार रात दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक चल रही है. इस दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड़्डा भी मौजूद थे.
सूत्रों ने बताया कि यह बैठक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि ऐसी खबरें आई हैं कि फडणवीस का तीसरी बार मुख्यमंत्री बनना तय समझे जाने की धारणा के बावजूद भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व अपने कुछ मराठा नेताओं के नामों पर विचार कर रहा है.
मुख्यमंत्री के चयन में जातिगत समीकरण की बड़ी भूमिका होने वाली है, क्योंकि सभी दलों के 288 विधायकों में से अधिकतर मराठा समुदाय से हैं. फडणवीस ब्राह्मण समुदाय से हैं और पहली बार 2014 में मुख्यमंत्री बने थे और फिर 2019 में कुछ समय के लिए फिर से मुख्यमंत्री बने. सूत्रों ने कहा, ‘अगर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) का हुक्म चलता है तो फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने की संभावना उज्ज्वल है.
#WATCH | Delhi: BJP leader Devendra Fadnavis arrives at the residence of HM Amit Shah. pic.twitter.com/PE53A9hszq
— ANI (@ANI) November 28, 2024
शिवसेना नेताओं की शिंदे को मुख्यमंत्री का एक और कार्यकाल देने की जोरदार मांग के बीच, कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिंदे ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहा है कि वह इस पद के लिए भाजपा की पसंद का पालन करेंगे.
शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने गुरुवार को कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री द्वारा नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार करने की संभावना नहीं है. शिवसेना के विधायक और प्रवक्ता संजय शिरशाट ने हालांकि कहा कि शिंदे मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. शिरसाट कहा, ‘‘वह शायद उपमुख्यमंत्री नहीं बनना चाहेंगे। मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति के लिए ऐसा करना सही नहीं है.
भाजपा नीत महायुति गठबंधन ने हाल में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में 288 सदस्यीय सदन में 230 सीट पर जीत दर्ज की तथा विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) को 46 सीट पर समेट दिया. भाजपा ने 132 सीट, शिवसेना ने 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 41 सीट जीतीं. एमवीए में शामिल शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की राकांपा (एसपी) ने 10 सीट पर जीत दर्ज की.

