दिल्ली: जगदलपुर के निजी होटल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26 वीं बैठक संपन्न हुई. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की. बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत चारों राज्यों के मुख्य सचिव शामिल हुए. बैठक में चारों राज्यों के डेवलपमेंट पर चर्चा हुई. बैठक में चारों राज्यों में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी मंथन किया गया.
क्षेत्रीय मध्य परिषद की बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए बस्तर के विकास का खाका मीडिया के सामने रखा. अमित शाह ने कहा, ”31 मार्च 2026 के बाद मैं पहली बार बस्तर आया हूं. यहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक थी. कल से मैं यहां पर हूं. हर जगह बस्तर की जनता में उत्साह और विश्वास नजर आ रहा है. भय का माहौल और बंदूकों के साए में जीवन जीने का समय अब खत्म हो चुका है. बस्तर अब विकास की सांस ले रहा है. बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है.”
जिस बस्तर में कभी लाल आतंक का साया था, आज वहीं जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होना सभी के लिए गौरव का विषय है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों के बीच आज किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं रह गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ… pic.twitter.com/vF8sl4nqsa
— Amit Shah (@AmitShah) May 19, 2026
अमित शाह ने कहा कि बस्तर केरल जितना बड़ा है लेकिन समस्या उतनी भी जटिल थी. इस समस्या को सुलझाने के लिए हमने 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए.अब बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है. अब 200 में से 70 कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में परिवर्तित करेंगे. सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी के घर तक ले जाएंगे. सेवा डेरा के जरिए बैंकिंग की सुविधा मिलेगी. राज्य और केंद्र की योजनाओं का लाभ मिलेगा.
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, सेवा डेरा के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. आंगनबाड़ी की सुविधा भी सेवा डेरा के जरिए मिलेगी. विकास के सभी काम एक जगह पर उपलब्ध होंगे. 50 साल से जो सुविधाएं बस्तर के लोगों को नहीं मिली थी, उसे हम यहां पहुंचाएंगे. आर्थिक गतिविधियों का केंद्र इस सेवा डेरा को बनाएंगे. सिलाई प्रशिक्षण, इमली प्रोसेसिंग का काम भी यहां सिखाया जाएगा. विकास की भागीदारी में महिलाओं की अहम भूमिका होगी.
अमित शाह ने कहा कि गांव में डेयरी उद्योग खड़ा किया जाएगा. हर आदिवासी महिला को पशु (एक गाय एक भैंस) दिया जाएगा और उनके दूध को डेयरी के जरिए खरीदा जाएगा. कॉपरेटिव तरीके से इस दूध को बेचा जाएगा. इसके लिए केंद्र स्तर पर तैयारी की गई है. अगले छह महीने में डेयरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा. पहले जहां बंदूक के साये थे वहां पर विकास का काम शुरू होगा. नक्सल आंदोलन के चलते जहां विकास नहीं हुआ उसे पूरा किया जाएगा.
क्षेत्रीय मध्य परिषद यानी सेंट्रल जोनल काउंसिल की बैठक गृह मंत्रालय के द्वारा बुलाई जाती है. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री करते हैं. क्षेत्रीय मध्य परिषद में मुख्य रूप से चार राज्य शामिल हैं, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल है. पिछली बैठक उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई थी. इस बैठक में सभी चारों राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं.
बैठक का उद्देश्य चारों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाना और नीतिगत मामलों पर चर्चा करना होता है. बैठक के जरिए राज्यों के बीच भूमि, जल, रेल आदिवासी कल्याण और डिजिटिल गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों को सुलझाना है.

