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दिल्ली लक्ष्मी योजना’ में देरी पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, ‘AAP’ के कर्ज के कारण लगा एक साल का समय

दिल्ली: महिलाओं के कल्याण को लेकर रेखा सरकार की ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ डेढ़ साल की देरी से ही सही अब लागू हो गई है, लेकिन इसके साथ ही इस पर जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का आधिकारिक रूप से शुभारंभ करते हुए पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती ‘आप’ सरकार दिल्ली पर भारी कर्ज का बोझ छोड़ गई थी, जिसे चुकाने में उनकी सरकार का पूरा एक साल का समय बर्बाद हो गया.

बुधवार को दिल्ली की तालकटोरा स्टेडियम में इस योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमारी सरकार शुरुआत में ही इस योजना को शुरू करना चाहती थी. हमने चुनावी वादा भी किया था. लेकिन पिछली सरकार (आप सरकार) ने जिस तरह वित्तीय अनियमितताएं की थी, कर्ज तले सरकार दबी थी, उसे उबारने में इतना लंबा समय लगा. अब सब कुछ ठीक हो गया है तो हमने माता-बहनों से किए इस चुनावी वादे को पूरा कर दिया.”

योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंच से पिछली सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी इस महत्वकांक्षी योजना को बहुत पहले ही धरातल पर उतर जाना चाहिए था, लेकिन पिछली सरकार की गलतियों और कर्ज में डुबाने उदासीनता और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण फाइलें दबी रहीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्थान की योजनाओं में भी राजनीति की गई और अड़ंगे डालकर उन्हें लटकाया गया. पिछली व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल वादे किए, लेकिन धरातल पर क्रियान्वयन के दौरान जानबूझकर जटिलताएं पैदा की गईं, ताकि योजना का लाभ सही समय पर महिलाओं तक न पहुंच सके. पिछली सरकार ने भी ऐसा वादा किया था, लेकिन नीयत ठीक नहीं थी, तभी सरकार रहते ऐसी योजना नहीं लाई.

  • ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को राजधानी की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है.
  • योजना के तहत पत्र महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपनी बुनियादी जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से संभाल सकें.
  • मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस बार योजना का लाभ पाने के लिए महिलाओं को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इसके लिए प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है.
  • सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मजबूत करना नहीं, बल्कि समाज में उन्हें एक सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन देना है.

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