दिल्‍ली-एनसीआर

WAVES 2025 कार्यक्रम में PM मोदी का संबोधन, कहा- सिनेमा देश की संस्कृति की आवाज है

दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन, ‘वेव्स 2025’ का उद्घाटन किया. यह चार दिवसीय कार्यक्रम 10,000 से अधिक प्रतिनिधियों, 1,000 से अधिक क्रिएटर्स, 300 से अधिक कंपनियों और 350 से अधिक स्टार्टअप्स को एक मंच पर ला रहा है, जिसमें 90 से अधिक देशों की भागीदारी है. ‘कनेक्टिंग क्रिएटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज’ टैगलाइन वाले इस सम्मेलन का उद्देश्य एंटरटेनमेंट और मीडिया इंडस्ट्री को ग्लोबल स्तर पर बढ़ावा देने है.

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन एक वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रख रहा है, जहां कलाकार, निवेशक और नीति निर्माता एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं. उन्होंने ‘वेव्स’ को सिर्फ़ एक संक्षिप्त शब्द नहीं, बल्कि संस्कृति, रचनात्मकता और वैश्विक संपर्क की एक लहर बताया. उन्होंने इस मंच को हर कलाकार और क्रिएटर के लिए समर्पित बताया, जहां नए विचारों और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा.

पीएम मोदी ने भारतीय सिनेमा के इतिहास का भी उल्लेख किया. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 112 साल पहले, 3 मई 1913 को, दादासाहेब फाल्के की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ रिलीज़ हुई थी . उन्होंने कहा कि बीते एक सदी में भारतीय सिनेमा ने देश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज वेव्स में इस मंच पर हमनें भारतीय सिनेमा के अनेक दिग्गजों को डाक टिकट के माध्यम से याद किया. बीते सालों में मैं कभी गेमिंग की दुनिया के, कभी संगीत की दुनिया के लोगों से, कभी फिल्म निर्माताओं से, कभी स्क्रीन पर चमकने वाले चेहरों से मिला. इन चर्चाओं में अक्सर भारत की रचनात्मकता, और वैश्विक सहयोग की बातें उठती थीं. लाल किले से मैंने ‘सबका प्रयास’ की बात कही है. आज मेरा ये विश्वास और पक्का हो गया है कि आप सभी का प्रयास आने वाले सालों में वेव्स को नई ऊंचाई देगा.

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