दिल्ली: नगर निगम के 12 वार्ड के उपचुनाव में शुक्रवार को प्रचार का अंतिम दिन है. लेकिन, 28 अक्टूबर को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद से लेकर और चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तक मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद आम आदमी पार्टी चुनाव को लेकर अधिक सक्रिय नहीं दिखी है. जबकि दिल्ली में बिल्कुल हाशिए पर पड़ी कांग्रेस, आम आदमी पार्टी से ज्यादा मुखर होकर सामने आई है.
इस पूरे निगम उपचुनाव में सही मायनों में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस मुखर विपक्ष के रूप में मुद्दों को उठाने और दिल्ली सरकार को घेरने में आगे रही है, जबकि आम आदमी पार्टी के बड़े और दिग्गज नेता पंजाब और गोवा में व्यस्त रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने विरोध प्रदर्शन और प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से लगातार भाजपा के नेतृत्व वाली रेखा गुप्ता सरकार को जनता के मुद्दों और समस्याओं को लेकर घेरा है.
प्रदेश कांग्रेस ने प्रदूषण जैसे सबसे ज्वलंत मुद्दे को लेकर रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा प्रहार किया है. नगर निगम उपचुनाव में कांग्रेस की सक्रियता और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने की बात करें तो कांग्रेस ने लगातार दिल्ली के बढ़ते हुए प्रदूषण को लेकर के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस द्वारा निगम चुनाव की घोषणा के बाद से 15 से ज्यादा लिखित बयान जारी किए गए हैं. पांच से ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई और दो बार विरोध प्रदर्शन किया गया है.

निगम उपचुनाव को लेकर रेखा गुप्ता सरकार को कटघरे में खड़ा करने की बात करें तो जनता को सीधे प्रभावित करने वाले रेखा गुप्ता सरकार के प्रमुख चुनावी वायदे होली दिवाली पर फ्री सिलेंडर और बाकी दिनों में 500 रुपये में सिलेंडर के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस ने प्रदर्शन कर दिल्ली सरकार को जमकर घेरा और महिलाओं को 2500 रुपये देने के वायदे की भी याद दिलाई. साथ ही जनता से उपचुनाव में कांग्रेस को वोट देने की अपील की है, ताकि बीजेपी सरकार ने जो वादा खिलाफी की है उसको सबक सिखाया जा सके.
इतना ही नहीं कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली की जनता को संदेश देने के लिए खाली सिलेंडर की शव यात्रा करके उसका पिंडदान भी किया है. 24 तारीख से लगातार कांग्रेस निगम उपचुनाव को लेकर दिल्ली सरकार पर हमलावर है. प्रचार के अंतिम दिन 28 नवंबर को दिल्ली कांग्रेस प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली सरकार को घेरने की तैयारी की है.

आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली सरकार के खिलाफ एक बार भी सड़क पर नहीं उतरे. इससे साफ जाहिर है कि उन्होंने अपने मुख्य विपक्षी पार्टी होने का फर्ज नहीं निभाया. दिल्ली आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज अकेले ही अस्पतालों और बस स्टैंड पर जाकर अपना वीडियो शूट करते हुए सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाते हुए देखे जा सकते हैं और वह अपने एक्स हैंडल पर सरकार के खिलाफ वीडियो जारी करके माहौल बनाने के प्रयास में जुटे हुए दिखते हैं.
असली संघर्षकर्ता सड़क पर उतरकर ही और सरकार के खिलाफ लड़कर ही जनता के बीच संदेश दे पता है, उससे आम आदमी पार्टी इस उपचुनाव के दौरान दूर नजर आई है. पूरे निगम उपचुनाव में आम आदमी पार्टी जनता को यह एहसास कराने में विफल रही है कि वह दिल्ली की मुख्य विपक्षी पार्टी है और भाजपा सरकार को घेरकर जनता के बीच कोई संदेश दे सकती है.
पूरे निगम उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया या आतिशी और संजय सिंह के द्वारा जनता से किसी भी तरह की अपील न करना या अपने एक्स हैंडल से निगम उप चुनाव से संबंधित कोई भी पोस्ट पार्टी या पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में ना करना निगम उपचुनाव में उनकी निष्क्रियता को दर्शाता है. वहीं, कांग्रेस द्वारा सड़क पर उतरने से लेकर अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगम उपचुनाव को लेकर सक्रिय दिखना भविष्य में उसके मजबूत होने का संकेत देता है.

