दिल्ली : आम आदमी पार्टी में टूट हो गई है. आप सांसद राघव चड्ढा अपने अन्य दो साथियों के साथ भाजपा में शामिल हुए. संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे.”
पिछले कुछ महीनों से चड्ढा को लेकर ऐसी खबरें मीडिया में आ रही थीं. राघव चड्ढा ने कहा कि उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हमने राज्यसभा सचिवालय को भी इसकी सूचना दे दी है.
#WATCH | Delhi: Addressing a press conference with Sandeep Pathak and Ashok Mittal, AAP MP Raghav Chadha says, "We have decided that we, the 2/3rd members belonging to the AAP in Rajya Sabha, exercise the provisions of the Constitution of India and merge ourselves with the BJP." pic.twitter.com/K3IK4TPXml
— ANI (@ANI) April 24, 2026
सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं, जिनमें से दो तिहाई से अधिक इस मामले में हमारे साथ हैं. उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज राज्यसभा अध्यक्ष को सौंप दिए हैं… उनमें से तीन आपके सामने उपस्थित हैं. हमारे अलावा, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी हैं.”
#WATCH | 2/3rd MPs of AAP in Rajya Sabha announce merging with the BJP.
AAP MP Raghav Chadha says, "…I am telling you the real reason as to why I distanced myself from party activities. I did not want to be a part of their crimes. I was not eligible for their friendship… pic.twitter.com/2bo15cJIx7
— ANI (@ANI) April 24, 2026
उन्होंने आगे कहा, “मैं आपको पार्टी की गतिविधियों से खुद को अलग करने का असली कारण बता रहा हूं. मैं उनके गुनाहों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था. मैं उनकी दोस्ती के लायक नहीं था, क्योंकि मैं उनके अपराध में शामिल नहीं था. हमारे पास सिर्फ दो ही विकल्प थे – या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 सालों में किए गए अपने जनसेवा के काम को त्याग दें या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव से सकारात्मक राजनीति करें. इसलिए, हमने फैसला किया है कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे.”

