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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: दिल्ली की चुनावी जंग में एकजुट होकर मैदान में उतरेगी NDA - TV News Today
दिल्‍ली-एनसीआर

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: दिल्ली की चुनावी जंग में एकजुट होकर मैदान में उतरेगी NDA

दिल्ली: दंगल में एनडीए के साथ बीजेपी मैदान में उतरने जा रही है. बुधवार को इसको लेकर बैठक भी हुई. बीजेपी कुछ पार्टियों को समझौते के तहत सीट भी देगी. वहीं कुछ नेताओं को प्रचार के लिए चुनावी मैदान में उतारेगी. दिल्ली चुनाव को लेकर एनडीए की रणनीति यहां पढ़िए…

दिल्ली में एक तरफ इंडिया गठबंधन के दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ एनडीए एकजुट होकर अपनी शक्ति दिखाने की कवायद में जुट गई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी एनडीए के कुछ दलों को समझौते के तहत सीटें दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरेगी. अभी तक गठबंधन में शामिल तीन पार्टियों ने दिल्ली में सीटों को लेकर दावेदारी की है. जिन पार्टियों की दावेदारी सामने आई है, उनमें जेडीयू, लोजपा (आर) और जीतन राम मांझी की हम शामिल है.

राजधानी दिल्ली की 20 विधानसभा सीटों पर एनडीए के घटक दलों का असर है. इनमें गोकलपुर, मटियाला, द्वारका, नांगलोई, करावल नगर, जनकपुरी, त्रिलोकपुरी, बुराड़ी, उत्तम नगर, संगम विहार, जनकपुरी, त्रिलोकपुरी, किराड़ी, विकासपुरी व समयपुर बादली जैसी सीटें शामिल हैं. इन सीटों को साधने के लिए बीजेपी ने स्पेशल प्लान तैयार किया है. गठबंधन के बड़े नेताओं से बीजेपी इन सीटों पर चुनाव प्रचार कराएगी, जिससे मतदाताओं को आसानी से साधा जा सके.

दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या 20 प्रतिशत से ज्यादा है. इन मतदाताओं को साधने के लिए नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी मैदान में उतरेंगे. चिराग और नीतीश पहले भी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं.

2020 में चिराग की पार्टी को एक और नीतीश की पार्टी को 2 सीटें समझौते के तहत मिली थी. हालांकि, न तो जेडीयू और न ही लोजपा दिल्ली चुनाव में जीत दर्ज कर पाई. हालांकि, इस चुनाव में जेडीयू को 84 हजार और एलजेपी को करीब 33 हजार वोट मिले थे.

इसी तरह मराठी वोटरों को साधने के लिए एकनाथ शिंदे मैदान में उतरेंगे. तेलगु और दक्षिण भारतीय मतदाताओं को साधने के लिए चंद्रबाबू नायडु भी प्रचार कर सकते हैं. दिल्ली में दक्षिण भारतीय मतदाताओं की संख्या करीब 30 लाख है. इनमें तेलगु भाषी करीब 8-9 लाख के आसपास है. मयूर विहार, पटपड़गंज, दिलशाद गार्डन, आर के पुरम, महरौली, रोहिणी, कालकाजी और द्वारका, उत्तम नगर और विकासपुरी के कुछ हिस्सों में बड़ी संख्या में दक्षिण भारतीय रहते हैं.

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