उत्तराखंड

चारधाम जाने वाले यात्रियों के लिए अलर्ट, रील्स-वीडियो बनाने पर लगी पाबंदी

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. 10 मई को केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खोले गए थे.वहीं 12 मार्च को बदरीनाथ के कपाट खोले गए। इसके बाद से लगातार भारी संख्या में श्रद्धालु चारधाम की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. चारधाम की यात्रा के लिए अबतक 26 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन करा चुके है. वहीं लगभग 3 लाख से अधिक लोग चारधाम के दर्शन कर चुके हैं.

चारधाम की यात्रा के शुरू होने के बाद से अबतक 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है. मरने वाले 4 लोगों में डायबिटीज के साथ-साथ ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी. कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो बिना रजिस्ट्रेशन के चारधाम की यात्रा या सिर्फ केदारनाथ और बदरीनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं. इसका परिणाम यह हुआ है कि चारधाम जाने वाले मार्गों पर भीषण जाम का लोगों को सामना करना पड़ रहा है.

चारधाम जाने वाले अलग-अलग मार्गों पर कहीं गाड़ियों का जाम लगा है तो कहीं लंबी कतारों में घंटों तक श्रद्धालुओं को खड़े-खड़े इंतजार करना पड़ रहा है. चारधाम की यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु ध्यान दें कि अब प्रशासन ने अहम और बड़ा फैसला लिया है.

दरअसल उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए वीआईपी दर्शन पर लगी रोक को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि श्रद्धालु जो लंबी कतारों में फंसे हैं और विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं, वो चारों धारों के दर्शन कर सकें. इतना ही एक और अहम फैसला राधा रतूड़ी ने लिया है. दरअसल अब चारधाम मंदिरों के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी या रील्स बनाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है.

आदेशानुसार, चारधाम मंदिर के 50 मीटर के दायरे में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने, वीडियोग्राफी करने पर पाबंदी लगा दी गई है. पर्यटन सचिव और गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर, डीएम तथा एसपी को भी इस बाबत आदेश भेज दिए गए हैं. ऐसे में अगर श्रद्धालु या यात्री अगर चारधाम मंदिर के 50 मीटर के दायरे में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील्स बनाते हुए अगर दिखते हैं तो उनके खिलाफ प्रशासन द्वारा एक्शन लिया जा सकता है. बता दें कि जो श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं.

उन्हें प्रयास यह करना चाहिए कि अगले कुछ समय के लिए उन्हें अपनी यात्रा को टाल देनी चाहिए। इतना ही नहीं, अगर आप चारधाम की यात्रा पर जाने वाले हैं तो बिना रजिस्ट्रेशन के न ही जाएं तो बेहतर होगा. क्योंकि चारधाम यात्रा के दौरान चरमराई व्यवस्था का कारण उन लोगों को भी बताया गया है जो बिना रजिस्ट्रेशन के भारी संख्या में देवभूमि पहुंचे. इस कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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