दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को विज्ञान भवन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा आयोजित ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. बता दें, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दो दिवसीय 19 और 20 सितंबर को कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रहा है.
कार्यक्रम के पहले दिन उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव भी शामिल हुए.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सदियों से भारत ने प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े मामलों में दुनिया का मार्गदर्शन किया है. इसी वैचारिक प्रतिबद्धता और अपने सांस्कृतिक अनुभवों के आधार पर, भारत अब जलवायु से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों का समाधान पेश कर रहा है और साथ ही सामूहिक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान भी कर रहा है. मुझे खुशी है कि NGT का यह सम्मेलन उसी मिशन को आगे बढ़ा रहा है.
India is showing how development and environmental sustainability can go hand in hand. Speaking at the International Conference on "The Future of Environment and Climate Dynamics." https://t.co/QTmc4v8yeT
— Narendra Modi (@narendramodi) September 19, 2026
उन्होंने आगे कहा कि हम सभी जानते हैं कि कार्बन उत्सर्जन की ज़िम्मेदारी अक्सर गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाली जाती रही है. ग्लोबल साउथ से मेरे कई साथी यहां मौजूद हैं. फिर भी, ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि आज भी भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत से आधे से भी कम है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने दुनिया के सामने अपनी परंपराओं और उनकी असली ताकत को पेश किया है. इसी सोच के साथ हमने पेरिस में COP21 समिट के दौरान ‘कन्वीनिएंट एक्शन: कंटिन्यूटी फॉर चेंज’ (Convenient Action: Continuity for Change) किताब लॉन्च की थी. हम दुनिया को एक साथ लाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं. चाहे ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (One Sun, One World, One Grid) का कॉन्सेप्ट हो या इंटरनेशनल सोलर अलायंस, CDRI, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस और मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) जैसी पहल, ये सभी प्लेटफॉर्म जलवायु और पर्यावरण के प्रति भारत की समर्पित प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने पर्यावरण से जुड़े हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है. हमने रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) पर बहुत जोर दिया है, जिसने पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है. भारत एकमात्र G20 देश है जिसने पेरिस में COP21 समिट में किए गए सभी वादों को तय समय से पहले ही पूरा कर लिया है. यह भारत की मज़बूती को दर्शाता है. हर पैमाने पर चाहे वह नॉन-फॉसिल फ्यूल का इस्तेमाल हो, सोलर एनर्जी की क्षमता हो, या कार्बन उत्सर्जन को कम करना हो, आज दुनिया भर में भारत के प्रदर्शन की सकारात्मक चर्चा हो रही है.
NGT के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस दुनिया के सामने मौजूद बड़ी पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगी. यह पॉलिसी बनाने और उसे लागू करने में कमियों की पहचान करने, सफल तौर-तरीकों को साझा करने और संस्थानों व स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित होगी.
दो दिन के इस कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े अहम मुद्दों पर चार टेक्निकल सेशन होंगे. इसका मकसद पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक रोडमैप तैयार करना है. NGT ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस का मकसद पर्यावरण से जुड़े न्याय और संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है. साथ ही, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विकास और न्याय के बीच के रिश्तों से पैदा हो रही बढ़ती चुनौतियों पर बातचीत को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है.

