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रक्षा बंधन से पहले दिल्ली की महिलाओं को सुरक्षित सफर की सौगात, पहली बार शुरू हुई लेडीज स्पेशल बसें

दिल्ली: रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी की महिलाओं को एक बड़ा और ऐतिहासिक तोहफा दिया है. दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में पहली बार विशेष ‘लेडीज स्पेशल’ इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है. बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के खेल परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे अब महिलाओं का सफर और अधिक सुरक्षित, सुगम और प्रदूषण मुक्त हो सकेगा.

वहीं, पहली बार दिल्ली सरकार ने दिल्ली-करनाल रूट पर पहली बार इंटरस्टेट ‘लेडीज स्पेशल’ इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की है, जिसका उद्देश्य छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित सफर प्रदान करना है. यह पहल दिल्ली की कामकाजी महिलाओं, छात्राओं व दैनिक महिला यात्रियों के सफर को सुरक्षित व सुगम बनाएगी. दिल्ली सरकार के मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा, “हमने महिलाओं के लिए अलग बसें शुरू की हैं. हमने उन सभी सुनसान इलाकों की पहचान की है और वहां सुरक्षा पक्की की जाएगी. अभी 56 बसें चल रही हैं और ज़रूरत पड़ने पर हम इनकी संख्या बढ़ा देंगे.”

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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की छात्रा महिमा शर्मा बताती हैं कि डीटीसी में महिला स्पेशल बस चलाना महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. जिस तरह रेखा गुप्ता पहले डीयू की छात्रा रह चुकी है तो वहां छात्रों की तकलीफों और परेशानियों को ज्यादा समझ पाती है. इसलिए उन्होंने दिल्ली में पहली बार महिला स्पेशल बस सेवा शुरू करने का फ़ैसला लिया.

वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई महाविद्यालय की छात्रा तारिना गोयल का मानना है कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. अब डीटीसी की महिला स्पेशल बसें चलाई गई है. अब इन बसों का फायदा दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं से लेकर हर कामकाजी महिला उठा सकेंगी. जिस तरह छात्राएं खुद को विश्वविद्यालय में सुरक्षित महसूस करती हैं अब उसकी तरह बस में भी छात्राएं और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगी.

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गौरतलब है कि डीटीसी की ये नई इलेक्ट्रिक लेडीज स्पेशल बसें सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन, जीपीएस ट्रैकिंग व महिला बस मार्शल जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से पूरी तरह लैस हैं. मुख्य रूप से विश्वविद्यालय परिसरों, प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों, सरकारी दफ्तरों व उच्च घनत्व वाले यात्री मार्गों पर इन बसों का परिचालन किया जाएगा. ये पहल महिला सशक्तिकरण व सार्वजनिक परिवहन में उनकी निर्भीक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है.

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