दिल्ली: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बंपर मतों से जीत हासिल की है. उपचुनाव के नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है. शुरुआत से ही जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने अपने प्रतिद्वंदियों पर मजबूत पकड़ बनाई हुई थी. हर राउंड की गिनती पूरी होने के साथ ही प्रशांत किशोर के वोटों का ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ता रहा.
त्रिकोणीय मुकाबले को प्रशांत किशोर ने आसानी से जीत में बदल दिया. बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर जन सुराज ने कब्जा जमा लिया है. हर राउंड में मुकाबला एकतरफा ही नजर आया. शुरू में लगा कि कुछ राउंड के बाद पीके की बढ़त का फासला कम होगा लेकिन जनता के नतीजों ने ऐसा नहीं होने दिया.
प्रशांत किशोर की जीत का अंतर इतना था कि लड़ाई दूसरे और तीसरे स्थान के लिए दिलचस्प हो गई. हालांकि बीजेपी बांकीपुर सीट पर दूसरे स्थान पर रही जबकि आरजेडी काफी पीछे छूड गई और वह तीसरे स्थान पर रही. ऐसा लग रहा है कि बीजेपी और आरजेडी के मतदाता भी पीके की ओर शिफ्ट हो गए जिससे उन्हें भारी जीत मिली.
बांकीपुर क्षेत्र को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का सुरक्षित और पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है. नितिन नवीन के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई इस सीट पर हो रहे उपचुनाव में खुद प्रशांत किशोर के सीधे चुनावी मैदान में उतरने से पूरा समीकरण बदल गया है.
8-9 महीने पहले हुए चुनाव में बीजेपी ने 51 हजार के भारी मत से बांकीपुर सीट पर आरजेडी को परास्त किया था. लेकिन 2026 के उपचुनाव में ये आंकड़ा वोट में कनवर्ट नहीं हो सका. इसके पीछे क्या वजह रही आरजेडी और बीजेपी दोनों दल इसको लेकर समीक्षा करेंगे.

