दिल्ली: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल यानी लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हो गया है. इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा में पास हुआ लोक परीक्षा (गलत तरीकों से बचाव) संशोधन विधेयक, 2026 में पेपर लीक में शामिल दोषियों के लिए अधिक सजा का प्रावधान है. इस कानून का उद्देश्य लोगों, संगठित समूहों और संस्थाओं को गलत तरीकों का इस्तेमाल करने से रोकना है, जिससे लोक परीक्षाओं की पवित्रता पर बुरा असर पड़ता है.
The Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026, passed in Lok Sabha. pic.twitter.com/rjuhibsGXy
— ANI (@ANI) July 29, 2026
एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल की खास बातें
सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश (UT) प्रशासन को यह अधिकार देता है कि वे किसी भी सत्र अदालत को प्रस्तावित कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना सकें.
- बिल में प्रावधान है कि ऐसे स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यवाही रोजाना जारी रहेगी और चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा किया जाएगा.
- केंद्र सरकार को किसी भी अपराध की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का भी अधिकार देता है.
- कानून के तहत अपराधों की जांच दो महीने के अंदर पूरी करने का प्रावधान
- सभी राज्य सरकारों और यूटी प्रशासन को कानून के तहत मामलों को चलाने के लिए एक या ज्यादा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अधिकार
- किसी भी फैसले, सजा या ऑर्डर के खिलाफ हाई कोर्ट के दो जजों की पीठ में अपील करने का सिस्टम बनाना, और अपील स्वीकार होने की तारीख से तीन महीने के अंदर उसका निपटारा करना.
- नए कानून के तहत, परीक्षा में पेपर लीक या गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों को कम से कम पांच साल और अधिक से अधिक 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा.
- संगठित अपराध के लिए, बिल में कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है.
नीट-यूजी पेपर लीक की घटना को लेकर छात्रों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार 2024 के कानून में संशोधन के लिए बिल लाई है. इस कानून का उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे, बैंक भर्ती परीक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं में गलत तरीकों के इस्तेमाल को रोकना है.
लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल दिखाता है कि सरकार अनुभव से सीखने के लिए तैयार है. सिंह ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में सरकार ने तेजी से कार्रवाई की. 2024 में एंटी-पेपर लीक कानून लागू होने के बाद से 52 FIR दर्ज की गईं. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्या की दर कम हुई है.
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा में भाग लिया और अपने विचार रखे. इस दौरान उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को मंजूरी दी थी. उनके इस बयान को लेकर लोकसभा में एंटी-पेपर लीक कानून में बदलाव के लाए गए बिल पर बहस के दौरान भारी हंगामा हुआ.
राहुल गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री लोकसभा में इसलिए मौजूद नहीं हैं क्योंकि वह “डर गए हैं”. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने छात्रों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को “मंजूरी” दी. उन्होंने 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले पर CJP के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान संसद तक मार्च के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई का जिक्र किया.
स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत दखल देते हुए कहा कि चर्चा गृह मंत्री पर नहीं हो रही है. बिरला ने कहा कि उन्हें अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत देने होंगे.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की बातों पर एतराज जताया और उनसे माफी मांगने को कहा. रिजिजू ने कहा, “आपने यह किस आधार पर कहा है? यह बहुत आपत्तिजनक है. आपको माफी मांगनी चाहिए.”

