दिल्‍ली-एनसीआर

नोएडा: गार्डेनिया गेटवे में छत का प्लास्टर गिरने से दहशत, स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग तेज

नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए बिल्डर फ्लैट अब लोगों के लिए सुरक्षा का भरोसा नहीं, बल्कि चिंता का कारण बनते जा रहे हैं. ग्रेटर नोएडा के बाद अब नोएडा की एक और हाईराइज सोसायटी में छत का प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई है. सेक्टर-75 स्थित गार्डेनिया गेटवे सोसायटी के एक फ्लैट में बेडरूम की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा. गनीमत रही कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही कमरे में मौजूद व्यक्ति वहां से बाहर निकल गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.

यह घटना सेक्टर-75 स्थित गार्डेनिया गेटवे सोसायटी के टावर C-2 के फ्लैट नंबर-1814 में हुई। जानकारी के मुताबिक, फ्लैट के बेडरूम की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया. जिस समय यह हादसा हुआ, उससे कुछ मिनट पहले ही कमरे में मौजूद व्यक्ति बिस्तर से उठकर बाहर गया था. यदि वह वहीं मौजूद होता तो गंभीर हादसा हो सकता था। फ्लैट के मालिक राकेश खोकर हैं, जिन्होंने फ्लैट किराये पर दिया हुआ है.

घटना की सूचना मिलने के बाद बिल्डर की ओर से मरम्मत के लिए कर्मचारी भेजे गए, लेकिन सोसायटी के निवासियों ने उन्हें वापस लौटा दिया। लोगों का कहना है कि केवल एक फ्लैट की मरम्मत समाधान नहीं है. पूरे परिसर का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए, ताकि यह पता चल सके कि अन्य फ्लैट भी ऐसे ही खतरे में तो नहीं हैं.

हाल के महीनों में ग्रेटर नोएडा और नोएडा की कई सोसायटियों में प्लास्टर और छत के हिस्से गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बिल्डरों ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और गुणवत्ता से समझौता किया, जिसका खामियाजा अब निवासी भुगत रहे हैं.

निवासियों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में किराये का बाजार लगातार बढ़ रहा है.मकान मालिक हर साल किराया बढ़ाने में पीछे नहीं रहते, लेकिन फ्लैटों की नियमित मरम्मत और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि किरायेदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी मकान मालिकों और बिल्डर की जिम्मेदारी है.

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