उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने नव चयनित लेखा परीक्षकों को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले-बदलते यूपी को हर कोई देख रहा

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के नव चयनित लेखा परीक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए. इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद आए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि बदलते भारत के साथ बदलते उत्तर प्रदेश को आज हर कोई देख रहा है.

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है. कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना होती है, और प्रदेश सरकार ने दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है.

कहा कि यदि बेहतर वित्तीय प्रबंधन नहीं होता और बिना बजट के खर्च करने की प्रवृत्ति जारी रहती, तो उत्तर प्रदेश कभी भी रेवेन्यू सरप्लस राज्य नहीं बन पाता. उन्होंने पूर्व स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश को बीमारू राज्य माना जाता था और कोई भी बैंक कर्ज देने को तैयार नहीं था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार 2017 में आई, तब खजाने की स्थिति बेहद कमजोर थी. यहां तक कि बैंक के चेयरमैन और सीएमडी तक फोन उठाने को तैयार नहीं होते थे. उस समय हमने तय किया कि बिना कर्ज लिए वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ेंगे.

बताया कि सरकार ने वित्तीय प्रबंधन को मजबूत किया और बिना बाहरी कर्ज के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए. उदाहरण के तौर पर उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख किया, जो करीब 600 किलोमीटर लंबा है और जिस पर 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के साथ 9 औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब भी विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए लगभग 7,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है. उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल मिलाकर करीब 42,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त लेखा परीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया.

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