उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में करीब 1054 करोड़ रुपये की 470 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान एकला बांध स्थित नव विकसित ईको पार्क को जनता को समर्पित किया जो पहले कूड़ा डंपिंग स्थल था. कार्यक्रम में 173 परियोजनाओं का लोकार्पण और 297 कार्यों का शिलान्यास किया गया. इसमें सड़कों, नालियों, जल निकासी, ग्रीन बेल्ट और अन्य शहरी विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं. साथ ही सीएम ग्रिड योजना के तहत 6 स्मार्ट सड़कों के निर्माण की भी शुरुआत की गई.
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से छात्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. इस दौरान जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहर की हजारों जनता मौजूद रही.
लोकार्पण और शिलान्यास के लिए समारोह का आयोजन एकला बांध पर विकसित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों जनता को समर्पित ईको पार्क स्थल पर हुआ. यह पार्क जहां बनाया गया है, वहां कभी कूड़े का पहाड़ हुआ करता था। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है. करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं.
महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन नगरी गोरखपुर में आज ₹1,055 करोड़ की लागत से निर्मित 497 परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सहभाग किया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मान-पत्र प्रदान करने के साथ ही 'स्वच्छ स्कूल… pic.twitter.com/4DetwIoD7u
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 23, 2026
गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन इसका प्रमाण है. कहा कि आज से 30-35 वर्ष पहले, आज जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है, पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था. नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्टनगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है. ट्रांसपोर्टनगर बन जाने के बाद कचरा एकला बंधे पर गिराया जाने लगा. इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव. इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया.
ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है. 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है. यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है. योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है. कहा कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है.
लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के मंच से स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 3 में लाने के लिए स्कूली बच्चों के विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है. इसमें शामिल एक लाख से अधिक बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचेगा. बच्चों को आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) के बारे में बताया जाएगा. वेस्ट टू आर्ट, निबंध और रील्स प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वच्छता के संदेश का विस्तार होगा. उन्होंने कहा कि इस अभियान से 2000 से अधिक शिक्षकों और 1000 से ज्यादा अनुभवी अभिभावकों को जोड़कर इसे एक व्यापक जन आंदोलन बनाने का काम किया जा रहा है.
लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में नगर निगम ने एकला बांध पर दशकों से इकट्ठा विशाल कूड़े के ढेर को वैज्ञानिक विधि से निस्तारित कर रमणीक पिकनिक स्पॉट बनाने में कामयाबी हासिल की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप गोरखपुर नगर निगम सतत विकास की श्रृंखला को आगे बढ़ा रहा है. समारोह को गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया.

