नोएडा: कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है. अपराध समीक्षा बैठक के दौरान फेज दो थाना के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) इंचार्ज पारुल पुनिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. दोनों अधिकारियों पर एक मामले में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है.
पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि,पुलिस आयुक्त द्वारा गुरुवार को आयोजित अपराध मीटिंग में जिले के सभी थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई. बैठक के दौरान सामने आया कि कुछ मामलों में अपेक्षित सतर्कता और त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, जिसे गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को यह सख्त कदम उठाया गया. नोएडा फेज दो थाना के प्रभारी अवधेश कुमार की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया.
वहीं, खुफिया सूचनाओं के संकलन और विश्लेषण में लापरवाही के चलते एलआईयू इंचार्ज पारुल पुनिया पर भी कार्रवाई की गई. बैठक में अन्य कई थाना प्रभारियों को भी स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि:जनता की शिकायतों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें. संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाए. अपराध नियंत्रण के लिए प्रोएक्टिव पुलिसिंग अपनाई जाए, जहां एक ओर लापरवाही पर सख्ती दिखाई गई, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना भी की गई.
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि पूरी फोर्स का मनोबल बना रहे. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि नोएडा पुलिस में लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है. “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

