उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026: बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे नहीं जाएगा मोबाइल या कैमरा, केदारनाथ पर भी बड़ा फैसला

उत्तराखंड: साल 2026 की आगामी चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है. आज शनिवार 17 जनवरी को चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की बैठक ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप परिसर में हुई. बैठक में गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप मुख्य रूप से पहुंचे.

गढ़वाल कमिश्नर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए चारधाम यात्रा से जुड़े तमाम विभागों के अधिकारियों से व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की और उन्हें व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं करने के निर्देश दिए. गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की महत्वपूर्ण यात्रा है और इसमें हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं.

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखना सभी अधिकारियों का प्रथम कर्तव्य है और इस कर्तव्य पथ पर प्रत्येक अधिकारी को ईमानदारी से ड्यूटी करने को कहा गया है. गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने चारधाम यात्रा से जुड़े तमाम विभागों के अधिकारियों को यात्रा की तैयारी अभी से ही पूरी करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें मूल रूप से ट्रैफिक, पेयजल, सुलभ शौचालय, पार्किंग, सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सेवाओं के अलावा श्रद्धालुओं के रहने, ठहरने के बेहतर प्रबंधन करने के निर्देश शामिल हैं.

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव ऋषिकेश के ट्रांसिट कैंप में पंजीकरण सहित तमाम सुविधाओं का बेहतर ख्याल रखने के लिए कहा है. सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्र में सामाजिक संस्थाओं के साथ तालमेल बनाने के लिए भी निर्देशित किया है. बीआरओ को मुख्य रूप से बरसात के दिनों में अलर्ट रहने के लिए कहा हैं.

बैठक में निर्णय लिया गया है कि बदरीनाथ धाम में सिंह द्वार से आगे कोई भी मोबाइल और कैमरा नहीं जाएगा. बदरीनाथ केदारनाथ टेंपल कमेटी इसके लिए व्यवस्था क्लॉक रूम के माध्यम से बनाएगी. केदारनाथ में भी चबूतरे पर कैमरा चलाने की परमिशन नहीं होगी. इस नियम को सख्ती से लागू कराया जाएगा.

बता दें कि साल 2025 की चारधाम यात्रा में मंदिर परिसर में फोटो खींचने को लेकर कई बार विवाद हुए. इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच झगड़े की भी खबर आई है, जिनके वीडियो भी सामने आए हैं. इसीलिए प्रशासन ने इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरे को बैन कर दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *