उत्तराखंड: अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के तहत ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित विराट संत सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित संतों का विशाल संगम देखने को मिला. सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की.
सम्मेलन में स्वामी ज्ञानानंद महाराज, संत अवधेशानंद महाराज, संत सुधांशु महाराज, महामंडलेश्वर सहित देशभर के दर्जनों पुरस्कृत संतों ने हिस्सा लिया. संतों द्वारा गीता के ज्ञान, भारतीय संस्कृति और धर्म के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की गई. संतों के विचारों ने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्रदान किया.
गीता हमारे जीवन की सच्ची मार्गदर्शक है, जो हमें सत्य, धर्म और कर्तव्य के पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। हमारी सरकार सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए निरंतर समर्पण भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में विभिन्न मंदिरों का जीर्णोद्धार,… pic.twitter.com/6Kkz7HV2Mf
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) November 29, 2025
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होना उनके लिए गर्व का विषय है. उन्होंने बताया कि, “यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतों द्वारा गीता के प्रचार और प्रसार पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ. गीता का ज्ञान पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है और महोत्सव भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है.
विराट संत सम्मेलन ने गीता महोत्सव की भव्यता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. संतों के सान्निध्य और आध्यात्मिक विचारों ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया. यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और धार्मिक समरसता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया.

