उत्तराखंड: सरकार प्रदेश की आर्थिकी और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन बनाने पर विशेष जोर दे रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आर्थिकी और पारिस्थतिकी में संतुलन के लिए त्रिस्तंभीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम का शुभारंभ किया. नियोजन विभाग ने तीन स्तंभ समुदाय सशक्तिकरण अभियान, नवाचार व तकनीकी अभियान और वित्तीय स्वायत्तता एवं साक्षरता अभियान पर रणनीति तैयार की है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम सबको अपना विशेष योगदान देना है. राज्य सरकार की ओर से विकास के साथ ही पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. ऐसे में सभी विभाग त्रिस्तंभीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम पर तेजी से काम करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी विभागों को नवरात्रि के पावन अवसर पर संकल्प लेकर राज्य में आर्थिकी और पारिस्थितिकी में संतुलन बनाकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ना है.
सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान राज्य में आर्थिकी और पारिस्थितिकी में संतुलन के लिए "त्रि-स्तम्भीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम" का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।… pic.twitter.com/9PvX4gGSJD
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 10, 2024
सीएम ने कहा कि पहला स्तंभ समुदाय सशक्तिकरण अभियान के तहत तीन सूत्र पारंपरिक प्रथाओं का पुनरावर्तन, उचित उपभोग के लिए व्यवहार परिवर्तन और युवाओं का कौशल उन्नयन है. दूसरा स्तंभ नवाचार व तकनीकी अभियान के तहत तीन सूत्र ग्रीन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहन, तकनीकी आधारित त्वरित समाधान और सर्कुलर इकोनॉमी का अंगीकरण है, जबकि तीसरा स्तंभ वित्तीय स्वायत्तता एवं साक्षरता अभियान के तहत तीन सूत्र ग्रीन प्रैक्टिसेज का मानकीकरण, कार्बन क्रेडिट के लिए सहभागिता और सत्तत परियोजनाओं के लिए ब्रिज फंडिंग की रणनीति है.

