उत्तराखंड

उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर सस्पेंस खत्म, प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ा

उत्तराखंड:  निकाय चुनाव को लेकर सस्पेंस साफ होता हुआ नजर आ रहा है. सरकार ने के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में सरकार ने प्रशासकों का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है.

माना जा रहा है कि निकाय चुनाव अब तीन महिनें के अंदर ही होंगे. उत्तराखंड में लोक सभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के कारण नगर निकायों की निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने में देरी हो रही है. इसके चलते प्रशासकों का कार्यकाल तीन महीने और नगर निकायों के बोर्ड का गठन, जो भी पहले हो तब तक के लिए विस्तारित किया गया है. जिसके आदेश जारी हो गए हैं.

पिछले साल दिसंबर से सभी नगर निकायों में कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक तैनात हो गए थे. प्रशासक दो जून यानी छह माह तक के लिए ही तैनात किए गए थे. जिनका कार्यकाल आज पूरा हो रहा है. लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता छह जून तक लागू है. ऐसे में प्रशासकों का कार्यकाल तीन माह के लिए या फिर इस बीच चुनाव होने तक बढ़ा दिया गया है.

उत्तराखंड के 97 निकायों में चुनाव होने हैं। राज्य में वर्तमान में नगर निकायों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है. इनमें सात निकाय कुछ समय पहले ही अधिसूचित हुए हैं. ऐसे में अन्य निकायों के साथ इनके चुनाव कराना संभव नहीं है. शेष 103 निकायों में से केदारनाथ, बद्रीनाथ व गंगोत्री में चुनाव नहीं होते. रुड़की नगर निगम व बाजपुर नगर पालिका परिषद में चुनाव बाद में होने के कारण इनका कार्यकाल अगले वर्ष पूर्ण होना है. इसके अलावा सिरौरीकला निकाय के गठन को लेकर अदालत से स्थगनादेश मिला है.

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