उत्तराखंड: प्रदेश में इन दिनों भू-कानून और मूल निवास के मुद्दे पर सियासत गरमाई हुई है. इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भू-कानून की सिफारिशों और मूल निवास के मुद्दे को लेकर उच्चस्तरीय समिति बनाने के निर्देश दे दिए हैं. ये समिति मूल निवास प्रमाण पत्र के प्रारूप के संबंध में हो रही बातों का परीक्षण करेगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में जल्द समितियों का गठन हो सकता है। सीएम धामी ने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है जिन नागरिकों के पास मूल निवास प्रमाण पत्र होगा उन्हें स्थाई निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रमाण पत्र की जरुरत नहीं होगी.
सीएम धामी ने भू-कानून के संबंध में कहा कि समिति द्वारा सौंपी गई सिफारिशों के बारे में प्रारूप तैयार करने के लिए भी एक कमेटी बनाई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. बता दें पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में गठित भू कानून समिति ने 22 सितंबर में सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप दी थी। लेकिन शासन स्तर पर समिति की सिफारिशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने बुधवार को एक आदेश जारी किया. आदेश में कहा गया है कि जिसके पास मूल निवास प्रमाण पत्र है, उनके लिए स्थाई निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं होगी.

