उत्तराखण्ड: चमोली जिले में स्थित सिखों के प्रसिद्ध और पवित्र हिमालयी तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे. गोविन्द घाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा करने के बाद आज बताया कि पवित्र गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खोले जायेंगे.
उन्हाेंने बताया हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष बिंद्रा ने मुख्य सचिव से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की. विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तथा वर्तमान मौसम स्थितियों का आकलन करने के पश्चात्, दोनों पक्षों ने पवित्र गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार, 23 मई को खोलने पर आपसी सहमति व्यक्त की है.
हेमकुंड साहिब विश्व भर के श्रद्धालुओं, खास कर सिख धर्म में अत्यंत गहन आध्यात्मिक महत्व रखता है. यह वह पवित्र स्थल है जहां दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने पूर्व जन्म में ध्यान किया था. जिसका वर्णन खुद गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने द्वारा रचित दशम ग्रंथ के विचित्र नाटक अध्याय में किया है.
श्री बिन्द्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया पवित्र हेमकुंड साहिब हिमालय की मनोरम श्रृंखलाओं के बीच 15,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है. यह गुरुद्वारा शांति, चिंतन एवं ईश्वरीय अनुभूति की तलाश में आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य एवं शांत वातावरण प्रदान करता है. प्रत्येक वर्ष विश्व भर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा के लिए पहुंचते हैं.,जो विश्व स्तर पर श्रद्धा, एकता एवं आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक बन चुकी है.
