उत्तराखंड

उत्तराखंड को स्पेस टेक्नोलॉजी फ्रेंडली स्टेट बनाने पर जोर, 2030 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने में जुटा भारत

उत्तराखंड: भारत को साल 2047 तक विकसित देश बनाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर भी सरकार विशेष जोर दे रही है. इसी कड़ी में उत्तराखंड मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवा सदन में ‘हिमालयी राज्यों के संदर्भ में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग अंतरिक्ष सम्मेलन 2025’ का आयोजन किया गया. इसमें इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन शामिल हुए.

सम्मेलन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में ये सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा. आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अनुसंधान तक सीमित न रहकर संचार, कृषि, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला की ओर से तिरंगा फहराने पर इसरो समेत समस्त वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया. सीएम धामी ने कहा कि शुभांशु शुक्ला का मिशन गगनयान भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा.

वहीं, सीएम धामी ने चंपावत को मॉडल जिला बनाने के लिए इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) और यूकॉस्ट (उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) की ओर से विकसित डैशबोर्ड का शुभारंभ किया. साथ ही इसरो की पुस्तक का विमोचन भी किया. सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार विज्ञान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है.

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