उत्तराखंड

ड्रोन से होगी नीलकंठ मेला क्षेत्र की निगरानी, CCTV से चप्पे चप्पे पर नजर, सुरक्षा में लगेंगे 950 पुलिसकर्मी

उत्तराखंड: 22 जुलाई से शुरू हो रही नीलकंठ कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पौड़ी पुलिस ने कमर कस ली है. एसएसपी लोकेश्वर सिंह के निर्देश पर पूरे नीलकंठ कांवड़ क्षेत्र को एक सुपर जोन, सात जोन और 23 सेक्टर में बांटा गया है।.

सुपर जोन की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी शेखर सुयाल को सौंपी गई है. जोन की जिम्मेदारी सीओ रैंक के अधिकारियों को दी गई है. पूरा कांवड़ क्षेत्र 950 पुलिस कर्मियों के सुरक्षा घेरे में रहेगा. इसके अलावा दो एसडीआरएफ और एक एनडीआरएफ के साथ आठ जल पुलिस की टीम सुरक्षा के लिहाज से गंगा घाटों पर तैनात रहेंगी. नीलकंठ से बैराज तक 7 खोया पाया सेंटर भी बनाए जा रहे हैं.

एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया 20 जुलाई को परमार्थ निकेतन में ड्यूटी करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की ब्रीफिंग भी की जाएगी. जिसमें पुलिसकर्मियों को कांवड़ियों के साथ मधुर व्यवहार करने का पाठ पढ़ाया जाएगा. इसके अलावा भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण करने के टिप्स भी दिए जाएंगे. इसके बाद सभी पुलिस कर्मियों को निर्धारित ड्यूटी पॉइंट के लिए रवाना कर दिया जाएगा. 17 और 18 जुलाई को कांवड़ क्षेत्र का सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण भी होगा.

जिसमें जो कमियां दिखाई देंगी, उनको संबंधित विभाग से सामंजस्य स्थापित कर पूरा करने के लिए कहा जाएगा. पूरे कांवड़ क्षेत्र में दो ड्रोन आकाश से निगरानी करेंगे. जगह-जगह 37 सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जा रहे हैं. जिसमें पांच सीसीटीवी केवल नीलकंठ मंदिर पर फोकस करेंगे. मंदिर में 15 सीसीटीवी कैमरे पहले से लगे हुए हैं.

इसके अलावा नीलकंठ जाने वाले कांवड़ियों को ऋषिकेश तपोवन गरुड़ चट्टी पुल से भेजा जाएगा. नीलकंठ से आने वाले कावड़ियों को बैराज होते हुए हरिद्वार रवाना किया जाएगा. नीलकंठ मोटर मार्ग पर 14 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां जाम लगने की संभावना बनी रहती है. इन स्थानों पर स्पेशल ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जा रही है.

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