उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार से देश में लागू नए आपराधिक अधिनियमों का स्वागत करते हुए कहा कि इन नए कानूनों ने पुराने और जटिल ब्रिटिश युग के कानूनों का स्थान लिया है. मुख्यमंत्री ने यहां कहा कि राज्य सरकार जनता को न्याय दिलाने एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, नए कानूनों को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने पृथक से 20 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया है. आगे भी इन कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. धामी ने कहा कि तीनों कानूनों को उत्तराखंड पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी.
देश में आज से तीन नए आपराधिक कानून – भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो गए हैं. उन्होंने आज के दिन को भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि विभिन्न पुराने और गैर जरूरी कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थिति के हिसाब से नए आपराधिक कानून लागू हुए हैं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में न्याय की अवधारणा को मजबूत करेंगे और न्याय मिलने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने में पुलिस और न्यायालयों की मदद करेंगे.
धामी ने कहा कि ये कानून गुलामी की मानसिकता को मिटाने और औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति दिलाने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा, अब हमारी न्याय प्रणाली पूरी तरह से स्वदेशी होगी जो भारत द्वारा, भारत के लिए और भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार संचालित होगी. हालांकि कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि नए कानून जल्दबाजी में लागू किए गए हैं और इन्हें लागू करने से पहले इन पर चर्चा होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा, ‘सरकार हर चीज पर अपनी मुहर लगाने की जल्दबाजी में है. नए आपराधिक कानून इसी का नतीजा हैं.

