उत्तराखंड: पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रही पलायन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऐसे में सरकार पलायन रोकने और रिवर्स पलायन पर विशेष जोर दे रही है. इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने निर्णय लिया है कि पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे प्लान को रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें स्थानीय स्तर के साथ ही विदेशों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके. .
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकार्पण किया. साथ ही 8005 श्रमिकों के खाते में करीब 17 करोड़ की राशि का डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किया. मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए.
उन्होने कहा कि अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरते जाने के क्रम में ऑफलाइन अनुदान वितरण बंद कर, ऑनलाइन निस्तारण और डीबीटी के जरिए सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि का ट्रांसफर किया जा रहा है. इस प्रक्रिया के जरिए अभी तक 11828 लाभार्थियों को कुल 29.89 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है. इसी क्रम में 8005 लाभार्थियों को कुल 17.25 करोड़ की धनराशि वितरित की जा रही है.
इस प्रकार बीते 6 माह में अब तक कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय श्रमिकों को पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेन्टर आदि क्षेत्रों में कौशल प्रदान किया जाए.
इसी तरह योगा एंव वेलनेस में रोजगार की सम्भावना को देखते हुए आगामी सत्र में श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाए. सीएम ने कहा कि बोर्ड निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण के बाद विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास करे. इसके लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत एजेन्सी के जरिए कार्रवाई की जाए.
साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनका समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया जाए. इसके लिए श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके रोजगार में व्यवधान उपलब्ध न हो.
वही, श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS Portal पोर्टल के जरिए अब तक 16000 अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसके जरिए शुल्क के रूप में अस्सी लाख रुपए की धनराशि जमा हो चुकी है, साथ ही बोर्ड के पास अब तक कुल 324 करोड़ की धनराशि सेस के रूप में जमा हो चुकी है. जिसे श्रमिकों के कल्याण में इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बीच सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है, जिससे लाभार्थियों का लाईव फोटो एवं जियो ट्रेकिंग के जरिए सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जायेगा.

