उत्तर प्रदेश: राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्री राम महायंत्र की स्थापना 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मर्मू करेंगी. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को शामिल किया जायेगा. इसे लेकर राम जन्मभूमि परिसर में भव्य आयोजन की तैयारी है. कार्यक्रम में कुल 5000 लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है.
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सूचीबद्ध लोगों को बुलाने की योजना है. सभी क्षेत्रों से नाम आ रहे हैं. ऐसे में जिनकी राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका रही है, या ऐसे लोग अभी तक प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण के अवसर पर नहीं आ पाए हैं. उन्हें बुलाने की योजना हैं.
300 से अधिक निर्माण करने वाली इकाइयों ने राम मंदिर के निर्माण में अपना सहयोग दिया है, उन सभी एजेंसियों को एलएंडटी के माध्यम से अधिकारियों को कार्यक्रम में उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया जा रहा है.
इसी तरह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 3000 लोग, एलएंडटी और टाटा के साथ निर्माण कार्य से जुड़े इकाइयों के लगभग 2000 की संख्या में लोग उपस्थित रहने वाले हैं. कार्यक्रम की दृष्टि से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है. इस आयोजन में मुख्य रूप से मंदिर के दूसरे तल पर निर्मित हुए गर्भगृह में श्री राम यंत्र की स्थापना होनी है.
अनिल मिश्र ने बताया कि जिस प्रकार से राम मंदिर में श्रद्धालुओं का दर्शन चल रहा है, उस समय भी चलता रहेगा. सुरक्षा को ध्यान में रखते प्रशासन अपनी योजना बना रहा है. 19 मार्च को राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के साथ-साथ आने वाले श्रद्धालु रामलला का दर्शन भी कर सकेंगे. ऐसी व्यवस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जिला प्रशासन के साथ तैयार कर रहा है.
राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को बैठने की विशेष सुविधा होगी. ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर के 8 एकड़ की परिधि में बने परकोटा के बाहर उत्तरी दिशा के मैदान में अतिथियों को बैठने की व्यवस्था बनाई जा रही है. जिससे हिंदी नव वर्ष और चैत्र शुक्ल नवरात्र के प्रथम दिन पर अयोध्या आने वाले श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन कर सकें. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना भी जताई जा रही है.
