उत्तर प्रदेश: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अरब सागर में भारतीय नौसेना पूरी ताकत के साथ मौजूद थी, जिसको देखकर पाकिस्तान की नेवी बंदरगाहों में दुबक गई थी.
रक्षा मंत्री ने गोमती नगर विस्तार में 19 करोड़ रुपये की लागत से बनी नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण में यह बातें कहीं. यह शौर्य वाटिका नौसेना शौर्य संग्रहालय का दूसरा चरण है और इसे दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनाया गया है. इसका निर्माण भारतीय नौसेना के जवानों की वीरता, साहस और आधुनिक तकनीक को समर्पित किया गया है. लोकार्पण कार्यक्रम सीजी सिटी में भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर 5 के पास हुआ.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 30, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शौर्य वाटिका आने वाली पीढ़ियों को बताएगी कि भारतीय नौसेना किस तरह देश की रक्षा करती है. यह वाटिका सैनिकों के बलिदान को याद दिलाएगी. कहा कि हमारी सुरक्षित जिंदगी में नौसेना का बड़ा योगदान है और इस वाटिका के जरिए लोग उसे समझ सकेंगे. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भारतीय नौसेना पूरी ताकत के साथ अरब सागर में तैनात थी. इसका नतीजा यह रहा कि पाकिस्तान की नौसेना बंदरगाहों में ही सीमित रह गई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हालात अलग थे. रोज कर्फ्यू लगता था और माफिया तथा अपराधी व्यवस्था को बिगाड़ते थे. ऐसे असुरक्षित माहौल में निवेश और विकास की संभावना कम हो जाती है. उन्होंने कहा कि जब सैनिक पूरी प्रतिबद्धता से सुरक्षा का काम करते हैं तो नागरिकों का भी कर्तव्य बनता है कि वे सैनिकों का सम्मान करें. इसी भावना से लखनऊ में इस संग्रहालय के लिए आग्रह किया गया था. अब यह भव्य रूप में प्रदेश के युवाओं के सामने है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत का सैनिक माइनस तापमान में सीमा की रक्षा करता है, रेगिस्तान की गर्मी में पहरा देता है और नौसेना समुद्र की लहरों से लड़ती है, तब देश के 140 करोड़ लोग चैन की नींद सो पाते हैं. सुरक्षा का माहौल बेहतर होने पर ही विकास की योजनाएं ठीक से आगे बढ़ती हैं. उन्होंने कहा कि शौर्य वाटिका युवाओं को नौसेना के इतिहास, उपकरणों और जवानों के काम को करीब से देखने और समझने का मौका देगी.
19 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस वाटिका में नौसेना के युद्धपोतों के मॉडल, हथियार, संचार उपकरण और ऑपरेशन से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं. इसमें देश की समुद्री सीमा की सुरक्षा में नौसेना की भूमिका को आसान भाषा और दृश्यों के जरिए दिखाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि स्कूल और कॉलेज के छात्र यहां आकर देश रक्षा के बारे में व्यावहारिक जानकारी ले सकेंगे.
लोकार्पण समारोह में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के मंत्री और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे. कार्यक्रम के बाद लोगों को वाटिका का भ्रमण कराया गया. शौर्य वाटिका अब आम लोगों के लिए खुली रहेगी और यह लखनऊ में देशभक्ति और सैन्य गौरव का एक नया केंद्र बनेगी.
