उत्तर प्रदेश: भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने चंदौली समेत 6 जिलों में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शनिवार को शिलान्यास किया. इस दौरान सीएम योगी भी मौजूद रहे. चंदौली के अलावा शामली, हाथरस, औरैया, अमेठी और महोबा में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा.
CJI सूर्यकांत ने कहा कि चंदौली ऐतिहासिक, धार्मिक और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन आज न्यायिक मंदिरों की स्थापना की जा रही है. यह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आने वाले 50 वर्षों तक की आवश्यकताओं को पूर्ति करेगा. यह परियोजना पूरे देश के लिए एक उदाहरण और बेंचमार्क बनेगी.
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्य सरकारों से भी इसी मॉडल को अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट को भी इससे सीख लेने की आवश्यकता है. सभी कोर्ट परिसरों में महिलाओं के लिए अलग बार रूम की व्यवस्था की जाए. जो न्यायिक ढांचे को और अधिक समावेशी बनाएगी.
सशक्त न्यायपालिका, सशक्त लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है…
इस संकल्प के साथ आज जनपद चंदौली में भारत के मुख्य न्यायाधीश मा. न्यायमूर्ति श्री सूर्यकान्त जी की गरिमामयी उपस्थिति में जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस, औरैया एवं चंदौली के एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम… pic.twitter.com/2vMRwjckhJ
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 17, 2026
सीएम योगी ने कहा, लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए यह आवश्यक है कि न्यायपालिका भी उतनी ही सशक्त हो. आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय उपलब्ध हो, इसके लिए उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में 6 जिलों के लिए धनराशि भेज दी है.
डिजाइन स्वीकृत हो चुका है और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं. शिलान्यास के बाद एलएंडटी जैसी विश्वविख्यात संस्था द्वारा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. सीएम योगी ने कहा, आज का दिन भारतीय न्यायिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा. लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका की मजबूती अत्यंत आवश्यक है और यह पहल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा, एक छत के नीचे बने नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आधुनिक अधिवक्ता चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोर्ट्स सुविधा, पर्याप्त पार्किंग और कैंटीन की व्यवस्था होगी. उन्होंने कहा, अधिवक्ताओं को टूटे-फूटे चैंबर और कम रोशनी में काम नहीं करना पड़ेगा.
सीएम योगी ने कहा, 10 जनपदों में जहां पर अभी तक स्वयं के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नहीं बन पाए थे, यूपी सरकार ने एक साथ अपनी स्वीकृति दी कि यहां पे इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनने चाहिए.

