उत्तर प्रदेश: राम मंदिर में मंगलवार से तीन दिवसीय अनुष्ठान शुरू हो गया है. मुख्य विद्वान जयप्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में 101 वैदिक आचार्य सभी देव पीठ स्थलों पर सुबह 6:30 बजे से विधि विधान से पूजा संपन्न किया जा रहा है. इस आयोजन के लिए मंदिर परिसर को भव्य तरीके से सजाया गया है.
राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा करा रहे हैं. वह मुख्य यजमान हैं. अलग-अलग देवालायों में गर्भगृह को वैदिक आचार्यों ने पवित्र जल समर्पित कर मूर्तियों का शुद्धिकरण कर अनुष्ठान प्रारंभ किया.
श्री राम जन्मभूमि मंदिर का दिव्य स्वर्णमंडित शिखर तथा नवनिर्मित प्रथम तल
The divine, gold-adorned shikhar and the newly constructed first floor of the Shri Ram Janmabhoomi Mandir. pic.twitter.com/yIIUUcxoJx
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) June 2, 2025
21 ब्राह्मण वेदी पूजन, षोडश मात्रिका व सप्त मात्रिका पूजन, योगिनी पूजन, वास्तु पूजन, क्षेत्र पाल पूजन, सर्वतोभद्र पूजन, नवग्रह पूजन, यज्ञकुंड संस्कार, अरणि मंथन व 1975 मन्त्रोंच्चारण से यज्ञकुंड में अग्नि स्थापन, कुश कंडिका, प्रणिता प्रोक्षनी स्थापन, अग्नि सिंचन के बाद पंच वारुणी हवन से पूजन किया जा रहा है. इसके बाद पीठ स्थापित देवताओं का आह्वान व पूजन किया जाएगा. फिर मूर्तियों के संस्कार की विधि शुरू होगी. अंतिम क्रिया के रूप में सभी देव प्रतिमाओं का जलाधिवास किया गया.
श्री राम जन्मभूमि परिसर स्थित अष्ट देवालयों में कल से प्रारंभ हो रही प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व आज पूज्य संतों, आचार्यों, श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के न्यासीगण, प्रबुद्ध नागरिकों तथा अपार जनसमूह की उपस्थिति में आज पुण्य सलिला सरयू के तट से मंगल कलश यात्रा का आयोजन हुआ।
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राम मंदिर परिसर में आयोजित द्वितीय प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. कर्मकांड आचार्य से लेकर इस अनुष्ठान को संपन्न कराने में लगे कर्मचारियों तक सभी लोगों के लिए मोबाइल व अन्य किसी भी प्रकार के समान को ले जाना वर्जित किया गया है. वहीं सीसीटीवी कैमरे से पूरे अनुष्ठान पर नजर रखी जा रही है.
प्राण प्रतिष्ठा के पहले दिन जेष्ठ माह का चौथा मंगलवार पड़ने से अयोध्या में श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ उमड़ी. सरयू नदी में स्नान कर हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन किया, तो वहीं राम मंदिर में भी रामलाल का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार रही.

