उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में आतंकवाद और कट्‌टरपंथ से निपटने का गुर सीख रहे श्रीलंका-नेपाल के पुलिस अफसर

गाजियाबाद: केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्था (Central Detective Training Institute-Ghaziabad) में श्रीलंका और नेपाल के पुलिस अधिकारियों के लिए 5 जनवरी से 9 जनवरी तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है. CDTI कैंपस में ITEC प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय “Counter Voilent Extremism And De-Radicilization” पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (Bureau of Police Research and Development) के निर्देश पर आयोजित किया गया है. भविष्य में आतंकवाद और ऑनलाइन रेडिकीलाइजेशन को कैसे रोका जा सकता है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके इसपर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक, ट्रेनिंग में कुल 40 पुलिस अधिकारी शामिल हैं. इसमें से 25 पुलिस अधिकारी नेपाल और 15 पुलिस अधिकारी श्रीलंका से हैं. सभी राजपत्रित अधिकारी हैं. ट्रेनिंग में शामिल पुलिस अधिकारियों को डेढ़ से दो दशक का अनुभव है. प्रशिक्षण लेने के बाद नेपाल और श्रीलंका से आए पुलिस अधिकारी अपने देश में अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण में मिली तमाम जानकारियां को उपलब्ध कराएंगे.

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नेपाल और श्रीलंका से आए पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभवों को भी साझा किया. पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान नेपाल और श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों को प्रधानमंत्री संग्रहालय, लाल किला और अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण कराया गया. CDTI अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समय में ऑनलाइन रेडिकीलाइजेशन हो रहा है, जिसके तहत लोन वुल्फ अटैक किए जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में भी इसी तरह के अटैक देखे गए हैं. आसपास के देशों में भी इस तरह के अटैक्स हो रहे हैं. ट्रेनिंग का मकसद पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है.

कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए रणनीतियों के बारे में भी प्रशिक्षार्थियों को बताया गया. केस स्टडी के माध्यम से भी समझाया गया कि आतंकवाद के खतरों का सामना कैसे करना है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात नेपाल और श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों को अपने देश में प्रभावी ढंग से सुरक्षा और शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी.

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