उत्तर प्रदेश: धर्मनगरी आज जन्माष्टमी के उल्लास में डूबी है. अष्टमी के साथ आधी रात को रोहिणी नक्षत्र के संयोग ने इस पर्व को और भी खास बना दिया है. त्यौहार से पहले ही हर मंदिर रोशनी से नहा उठे हैं. गलियां भी रोशन हो चुकी हैं. यह कान्हा का 5251वां जन्म उत्सव है. रात 12 बजे कान्हा जन्म लेंगे. तीन दिनों तक करीब 50 लाख श्रद्धालु लड्डू गोपाल के अलौकिक दर्शन करेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस खास पल के गवाह बनेंगे. कृष्ण जन्म उत्सव का हिस्सा बनने के लिए वह मथुरा आएंगे. वहीं श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से कई किमी की दूरी तक भक्तों की जबरदस्त भीड़ है. इसके मद्दनेजर मथुरा-वृंदावन में करीब 4100 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. वे चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रहे हैं. कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू कर दिया गया. 50 से अधिक स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं.
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी की हर गली हर्षित है. देश-विदेश से भक्त अपने आराध्य के दर्शन की लालसा लेकर मथुरा पहुंचे हैं. घरों में भजन-कीर्तन हो रहे हैं. हर गली में भक्तों की भीड़ है. द्वारिकाधीश मंदिर में भक्तों की कतार लगी हुई है. वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भी भीड़ है. यहां बिहारी जी की भव्य मूर्ति है. यहां पूरे साल भक्त दर्शन के लिए पहुंचते रहते हैं. जन्माष्टमी पर यहां काफी भीड़ होती है. बांके बिहारी मंदिर में शाम को आरती होगी. रात में भगवान का अभिषेक होगा. इसके बाद साल में एक बार होने वाली मंगला आरती भी होगी.
सोमवार की सुबह से ही भक्तों का उल्लास दोगुना हो चला है. जैसे-जैसे कान्हा के जन्म की शुभ घड़ी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे कान्हा के भक्ति में डूबे लोगों का रोम-रोम पुलकित होता जा रहा है. दूर-दराज से लाखों की संख्या में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है. ऐसे में बढ़ती भीड़ के मद्देनजर शहर में ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है. यह डायवर्जन रविवार की रात 8 बजे से लागू हो चुका है. यह कार्यक्रम से समापन तक जारी रहेगा.

