उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज युवाओं के सामने दो चुनौतियां हैं. एक ड्रग्स का और दूसरा मोबाइल या स्मार्टफोन का नशा. इन दोनों नशों से बचना होगा. इनसे युवा जितना बच पाएंगे, उतना ही खुद को और देश के भविष्य को भी बचा पाएंगे.
नशे से बचकर ही युवा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर पाएंगे. सीएम योगी बुधवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित मुख्य महोत्सव को संबोधित कर रहे थे.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह भी मौजूद रहे, जिनका का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं को मोबाइल फोन के नशे से दूर रहने की सलाह दी. एक शिक्षक और अभिभावक के रूप में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आपको सतर्क रहना होगा. क्योंकि, नशा माफिया तेजी के साथ युवा पीढ़ी को अपनी चपेट में लेने का कुत्सित प्रयास करता है.
श्री गोरक्षपीठ द्वारा संचालित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 'संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025' का मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह… https://t.co/yjqnU00khY
— Shri Gorakhnath Mandir (@GorakhnathMndr) December 10, 2025
अकादमिक संस्थाओं को भी इसके प्रति उतना ही अलर्ट रहना पड़ेगा. सीएम योगी ने कहा कि युवाओं को इसके खिलाफ एक नई लड़ाई लड़ने के लिए अपने आप को तैयार करना पड़ेगा. क्योंकि, देश का दुश्मन किसी न किसी रूप में आपके बीच में घुसना चाहता है. उसको हम अवसर न दें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन पर युवाओं का अत्यधिक समय खर्च हो रहा है, इसको कम करना होगा. हालांकि एकाएक यह कर पाना कठिन होगा, इसलिए धीरे-धीरे कम करिए. आवश्यक हो तभी आधा या एक घंटा तक ही आप मोबाइल फोन का इस्तेमाल करिए. समय तय करिए कि मुझे जब आवश्यक बात करनी है तभी बात करूंगा, अनावश्यक नहीं.
मुख्यमंत्री ने कहा स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग आपकी आंख की साइट को प्रभावित करेगा. मस्तिष्क को कुंद कर देगा, बुद्धि, विवेक और शारीरिक क्षमता को भी यह पूरी तरह कमजोर कर देगा. इसलिए स्मार्टफोन से जितना बच सकते हैं, बचने का प्रयास करना चाहिए.
समय और तकनीक के साथ चलते हुए भविष्य की चुनैतियों के लिए खुद को तैयार करने की सीख देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन और रोबोटिक्स के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है. हममें से कोई व्यक्ति उससे अपने आप को अलग नहीं कर सकता. हमें करना भी नहीं चाहिए.
उन्होंने कहा कि हमें उस मानसिकता से भी उबरना पड़ेगा कि तकनीक आएगी तो रोजगार के अवसर कम करेगी. यह तथ्य सही नहीं है. बल्कि तकनीक आएगी तो रोजगार के नए अवसर अपने आप ही जुड़ जाएंगे. हमें अपने आप को उसके अनुरूप शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना होगा.
समारोह में, मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंह ने अपनी रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से उत्तराखंड राज्य को एक नई दिशा दी है. वहां के शिक्षण और उच्च शिक्षा के संस्थान हों, पर्यटन के विकास से जुड़े हुए मुद्दे हों, पर्यावरण से जुड़े हुए मुद्दे हों, अन्नदाता किसानों और बागवानों के कल्याण के लिए होने वाले कार्यक्रम हों, या फिर वीर भूमि और देवभूमि के वीर सैनिकों तथा उनके परिजनों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रम, राज्यपाल का उनके साथ एक बेहतरीन संवाद है.
वहां की विभिन्न प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक भौगोलिक, पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर उन्होंने अभिनव प्रयास किए हैं. लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं.
संस्थापक सप्ताह के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में से उत्कृष्ट संस्था, उत्कृष्ट शिक्षक, उत्कृष्ट कर्मचारी, उत्कृष्ट परिचारक और स्नातकोत्तर, स्नातक एवं हाईस्कूल-इंटर के उत्कृष्ट विद्यार्थियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया. मंच से करीब डेढ़ सौ पुरस्कार वितरित किए गए.

