उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने विद्या भारती के नये स्कूल भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया

उत्तर प्रदेश: सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बस्ती के बसहवा गांव पहुंचे. उन्होंने विद्या भारती के नये स्कूल भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया. सीएम योगी ने कहा कि जब 1947 में देश आजाद हुआ और उसके बाद तत्कालीन सरकारों को शिक्षा और विकास की दिशा में जो कार्य किया जाना था वो नहीं कर पाए. जिसके बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक ने इस कार्य का बीड़ा उठाया.

उन्होंने कहा कि स्वयं सेवक संघ के नाना जी देशमुख ने गोरखपुर में सबसे पहले सरस्वती शिशु मंदिर की नींव रखी. उस समय पांच छात्र स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन बिना किसी सरकारी सहायता से स्वयंसेवकों ने इसको आगे बढ़ाया. आज देशभर ने सरस्वती शिशु मंदिर के 12 हजार विद्यालय संचालित हो रहे हैं और लाखों छात्र-छात्राएं इन विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं. यह संस्थान बच्चों को भारतीयता का बोध करा रही हैं, इसलिए सरस्वती विद्या मंदिर से निकले हुए प्रत्येक छात्र हर क्षेत्र में समाज को नेतृत्व दे रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था 400 साल पूर्व पूरे विश्व में नंबर एक पर थी, लेकिन सरकारों की कुंठित सोच की वजह से पीछे हो गए. 2014 के बाद लगातार भारत विकसित भारत की दिशा में कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का पहले की सरकारों में बैरियर हुआ करता था, लेकिन आज यूपी विकास के नए आयाम लिख रहा है.

उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर से इंसेफेलाइटिस नाम की बीमारी पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है, क्योंकि सरकार इसे खत्म करना चाहती थी. अगर कोई भी सरकार चाह ले तो बीमारी ही नहीं माफिया और मजनू सभी समाप्त हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत 2047 में विश्व की महाशक्ति बनेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 500 साल बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ.

उन्होंने कहा कि बहराइच में एक हजार वर्ष पहले सैय्यद सालार मसूद गाजी मंदिर तोड़ने आया था. महाराजा सुहेल देव ने भारतीय सैनिकों के साथ मिलकर सालार को परास्त कर दिया और उसको ऐसी सजा दी जो इस्लाम में सबसे ज्यादा खौफनाक सजा मानी जाती है. हमारी सरकार आई तो हमने महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बहराइच में बनवाया. यही नहीं आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर एक भव्य विश्व विद्यालय हमारी सरकार ने बनाया.

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