उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी पंसद का जनप्रतिनिधि चुनना जनता का अधिकार है, लेकिन बार-बार चुनाव जनता पर अनावश्यक बोझ डालता है. यह राजनीतिक अस्थिरता को न सिर्फ जन्म देता है बल्कि देश के अंदर विकास की संभावनाओं को बाधित करता है और सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है. राजनीतिक अस्थिरता कभी भी देश को संप्रभुता संपन्न और विकसित देश की परिकल्पना को साकार करने में सहभागी नहीं बन सकती है. बार-बार का इलेक्शन देश और प्रदेश की जीडीपी को प्रभावित करता है. विकास के लिए चालू योजनाओं में बैरियर का काम करता है और लोकतंत्र के प्रति लोगों के आकर्षण को भी कम करता है.
'एक राष्ट्र-एक चुनाव' देश में राजनीतिक स्थिरता और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने हेतु यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का विजन है।
आज पूर्व राज्यपाल श्री कलराज मिश्र जी के साथ 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' अभियान के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी… pic.twitter.com/rxWHRAaAMQ
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 7, 2025
सीएम योगी सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक राष्ट्र-एक चुनाव अभियान के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की तरफ से आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ विजन को साकार करने की आवश्यकता है, जो 2019 में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा अनावरण के दौरान घोषित हुआ था.
योगी ने कहा कि यह विचार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का भी था, जिन्होंने राजनीतिक स्थिरता को सुशासन, सुरक्षा और विकास की पहली शर्त माना था. 1952 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए. लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी टूट के बाद यह प्रथा समाप्त हो गई. 1967 के बाद सरकारें भंग की गईं, राष्ट्रपति शासन लगा और राजनीतिक अस्थिरता ने देश को भटकाया. 1980 के दशक में भी यह मुद्दा उठा, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका. अब पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी समिति की सिफारिशों और जनजागरण के जरिए इसे 2034 तक लागू करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. विधानसभाओं के कार्यकाल को समायोजित कर एक साथ चुनाव संभव हों, जिससे 3.5 से 4.5 लाख करोड़ रुपये के सालाना खर्च को विकास कार्यों में लगाया जा सके.
सीएम ने कहा कि 13 से 26 जनवरी के बीच प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ ने दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया. 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए जो लोकतंत्र का सबसे बड़ा महोत्सव बन गया. पिछली सरकारों ने इस आयोजन को उपेक्षित रखा. 2007 और 2013 में अव्यवस्था और गंदगी थी. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक के लोग आए. विपक्ष ने दुष्प्रचार किया, लेकिन जनता ने इसे नकार दिया. लोग पैदल चलकर त्रिवेणी स्नान के लिए आए.
सीएम योगी ने लोगों से ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के समर्थन में जनजागरण की अपील की. उन्होंने कहा कि विपक्ष दुष्प्रचार करेगा, लेकिन हमें जवाब देना चाहिए कि ‘देश हमारा है, विकास हमारा है, राजनीतिक स्थिरता हमारी जरूरत है. सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा बढ़ानी होगी. अनुमान लगाया कि बार-बार चुनाव से 3.5 से 4.5 लाख करोड़ रुपये का बोझ जनता पर पड़ता है, जो विकास कार्यों में लगाया जा सकता है. 2034 तक एक साथ चुनाव का लक्ष्य है.

