गाजियाबाद: दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, उनकी समस्याओं का निस्तारण करने और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है. दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा हर महीने जिले के महामाया स्टेडियम में दिव्यांग सभा का आयोजन किया जाएगा. इस पहल को लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. अधिकारियों का कहना है कि दिव्यांग सभा केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं होगी बल्कि दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा, संवाद और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनने का काम करेगी.
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मुताबिक जिले में 100 वार्ड और 144 ग्राम पंचायत हैं. लगभग सभी क्षेत्रों में दिव्यांग मॉनिटर नियुक्त किये जा चुके हैं. दिव्यांग मॉनिटरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि वह अपने-अपने क्षेत्र के दिव्यांगजनों को दिव्यांग सभा में लेकर पहुंचें. विभाग का मानना है कि कई बार जानकारी के अभाव या सामाजिक संकोच के कारण दिव्यांग सरकारी योजनाओं का पूर्ण रूप से लाभ नहीं उठा पाते हैं. ऐसे में यह व्यवस्था उन्हें सीधे विभाग और प्रशासन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
विभाग द्वारा प्रत्येक दिव्यांग सभा में 100 से 150 दिव्यांगजनों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. दिव्यांग सभा में शामिल होने वाले दिव्यांगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा. ऐसे मामले जिनका निस्तारण मौके पर ही संभव होगा, उन्हें तुरंत निस्तारित किया जाएगा, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंच कर जल्द निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा. अब तक दिव्यांग अपनी समस्याओं को लेकर अलग-अलग विभागों के कार्यालय में चक्कर लगाते थे लेकिन नई व्यवस्था के तहत उन्हें एक ही मंच पर विभिन्न विभागों की जानकारी मिल सकेगी, साथ ही इसी मंच से सभी समस्याओं का निस्तारण संभव होगा.
प्रत्येक महीने आयोजित होने वाली दिव्यांग सभा में ऐसे तमाम दिव्यांगजनों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया है बल्कि समाज में भी एक अलग पहचान स्थापित की है. विभाग का मानना है कि ऐसे दिव्यांग अन्य दिव्यांगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे. जिले में कई दिव्यांग फूड डिलीवरी, छोटे व्यवसाय, ऑनलाइन कार्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर चुके हैं. ऐसे तमाम दिव्यांग, दिव्यांग सभा में अपने अनुभव साझा करेंगे ताकि अन्य दिव्यांग भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरणा ले सकें.
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का मानना है कि अक्सर दिव्यांग सामाजिक रूप से खुद को अलग-अलग महसूस करते हैं. ऐसे में दिव्यांग सभा एक गेट टूगेदर की तरह भी काम करेगी. जहां दिव्यांग एक दूसरे से मिल सकेंगे, बातचीत कर सकेंगे और अपने अनुभवों को साझा कर सकेंगे.
दिव्यांग सभा के दौरान दिव्यांगजनों से विभाग सुझाव लेगा कि उनके लिए क्या और बेहतर किया जा सकता है. विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजनाएं और वेतन तरीके से धरातल पर उतारी जा सकती हैं. जब लाभार्थियों की वास्तविक जरूरत को समझा जाए. ऐसे में दिव्यांग सभा विभाग और दिव्यांगजनों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी.
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान के मुताबिक दिव्यांग सभा के आयोजन को लेकर विभाग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई है. जून के पहले सप्ताह में महामाया स्टेडियम में दिव्यांग सभा आयोजित की जाएगी. विभाग का प्रयास है किस जिले में दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देकर उनके जीवन को बेहतर बनाया जा सके.
