उत्तर प्रदेश: वैशाख शुक्ल द्वितीया की तिथि पर ध्वज दंड को विधि विधान पूजन के बाद सुबह 8:00 बजे राम मंदिर के शिखर पर स्थापित कर दिया गया. मंगलवार को यह ध्वज दंड राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगाया गया है. 44 फिट का ध्वज दंड जमीन से 201 फीट ऊंचाई पर लहराएगा.
आज वैशाख शुक्ल द्वितीया, विक्रमी संवत् २०८२, तदनुसार २९ अप्रैल २०२५, मंगलवार को प्रातः ८ बजे श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के मुख्य शिखर पर ध्वज दण्ड स्थापित किया गया। ध्वज दण्ड की लम्बाई ४२ फुट है।
Today, on Vaishakh Shukla Dwitiya, Vikrami Samvat 2082, i.e. 29 April 2025, Tuesday,… pic.twitter.com/mYrKJj5QMK
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) April 29, 2025
राम मंदिर के निर्माण की अंतिम प्रक्रिया आज पूरी हो गई है. मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के द्वारा पूजन अर्चन कर ध्वज दंड को स्थापित कर दिया गया है. जिस पर अब अयोध्या की गरिमा को बढ़ाने वाला विजय पताका लहराएगा. ध्वज दंड गुजरात के अहमदाबाद में तैयार किया गया है, जिसकी लंबाई 44 फिट है. वहीं इस ध्वज दंड का भार 5.5 टन है. मंगलवार की सुबह सूर्य उदय के समय 6:30 पर दंड की विधि विधान से पूजा की गई. इसके बाद दो टावर क्रेन के माध्यम से मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर स्थापित करने के लिए लेकर पहुंचा. जहां एलएंडटी व आर्किटेक्ट की टीम ने इस ध्वज दंड को स्थापित किया है.
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वितीय परशुराम जयंती दिन मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वज दंड स्थापित किया गया है. लगभग 44 फीट लंबे ध्वज दंड को दो क्रेनों की सहायता से स्थापित किया गया है. इस दौरान राम मंदिर निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर राम मंदिर ट्रस्टी भी मौजूद रहे. विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना की गई, उसके बाद ध्वज दंड को स्थापित किया गया.

