उत्तर प्रदेश

राममंदिर में अक्षय तृतीया पर स्थापित होंगी 14 मूर्तियां, ट्रस्ट ने अयोध्या और काशी के ज्योतिषाचार्यों से मांगी शुभ मुहूर्त की जानकारी

उत्तर प्रदेश: राम जन्मभूमि परिसर में राममंदिर के अलावा 14 और मंदिर बन रहे हैं. इन मंदिरों में स्थापित होने वाली मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा अक्षय तृतीया या गंगा दशहरा पर की जाएंगी. इसके लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ज्योतिषाचार्य से मुहूर्त और कार्यक्रम का विस्तृत विवरण तैयार करने को कहा है. साथ ही अयोध्या और काशी के ज्योतिषाचार्यों से शुभ मुहूर्त को लेकर राय मांगी है.

अयोध्या के ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा किए जाने को लेकर ट्रस्ट में मुहूर्त का विवरण मांगा है. अक्षय तृतीया पर मंदिर के अंदर प्रतिमाओं को स्थापित करने का सबसे उत्तम समय माना गया है. वहीं गंगा दशहरा के दिन भी प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा करना शुभ होगा. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने अक्षय तृतीया को लेकर अपनी तैयारी कर रहा है. शास्त्रों में कहा गया है कि अलग-अलग देवी देवताओं की प्रतिमाओं को अलग-अलग लग्नों में स्थापित किया जाए.

ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया कि राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के लिए सभी कार्यों को पूरा कर लिया गया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया पर मूर्ति को स्थापित कर दिया जायेगा. प्रथम तल पर 14 दरवाजे लगाये जाने का काम हो रहा है. अप्रैल तक पूरा कर लिया जायेगा. विशेष मुहूर्त में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी की जाएगी, इसके लिए ट्रस्ट अयोध्या और काशी के ज्योतिषाचार्य के साथ बैठक मंथन कर रहा है.

राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के साथ परकोटा में शिव मन्दिर, सूर्य मन्दिर, दुर्गा माता मन्दिर, गणेश मन्दिर, अन्नपूर्णा मन्दिर और हनुमान मन्दिर का निर्माण किया जा रहा है. 70 एकड़ परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषाद राज, माता अहिल्या और शबरी का मंदिर बन रहा है.

इन सभी मंदिरों में उनकी मूर्तियां भी स्थापित की जानी है. ट्रस्ट के मुताबिक, अक्षय तृतीया से जानकी नवमी के बीच सभी मूर्तियों को स्थान पर पहुंचा दिया जायेगा. इसके बाद उसकी प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *