दिल्‍ली-एनसीआर

वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सरदाना को पंडित मदन मोहन मालवीय ‘पत्रकार भूषण सम्मान’, श्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए दिए 5 मंत्र

सुशील कुमार शर्मा

नई दिल्ली: प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार, कवि, फिल्म समीक्षक और टीवी पैनलिस्ट प्रदीप सरदाना को पंडित मदन मोहन मालवीय ‘पत्रकार भूषण सम्मान’ से सम्मानित किया गया. श्री सरदाना को यह सम्मान पत्रकारिता क्षेत्र में किए गए उनके विशिष्ट और उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया. पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय, मेवाड़ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष विनोद कुमार गदिया और निदेशिका अलका अग्रवाल ने प्रदान किया.

इस अवसर पर पदमभूषण राम बहादुर राय ने कहा- ‘’पंडित मदन मोहन मालवीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बड़े व्यक्तित्व थे. उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ शिक्षा, समाज सेवा और पत्रकारिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए.‘’

उधर पत्रकार भूषण प्रदीप सरदाना ने पंडित मालवीय के कई असाधारण कार्यों को उल्लेख करते हुए, एक आदर्श और श्रेष्ठ पत्रकार के 5 मूल मंत्र भी बताए. श्री सरदाना ने कहा- ‘’पत्रकारिता का सबसे बड़ा सिददांत यह है कि जो भी लिखा या बोला जाए उसके तथ्य पूरी तरह सही होने चाहिएं. इसलिए समाचारों में प्रामाणिकता सबसे बड़ी आवश्यकता है. इसी के साथ हर अच्छे पत्रकार को कर्मठता, निष्पक्षता, निष्कपटता और निर्भीकता के साथ कार्य करने चाहिएं, तभी पत्रकार के साथ उनके मीडिया संस्थान की भी विश्वसनीयता बनेगी. महामना ने भी मुंडक उपनिषद के ‘सत्यमेव जयते’ को अत्यंत महत्व देते हुए इसे इतना लोकप्रिय किया कि भारत सरकार ने भी इसे ही राष्ट्र का आदर्श वाक्य बनाया.‘’

उल्लेखनीय है ‘मेवाड़ ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूशंस’, वसुंधरा,गाजियाबाद प्रतिवर्ष महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के मौके पर एक पत्रकार को पत्रकार भूषण और एक साहित्यकार को साहित्यकार भूषण के साथ 4 पत्रकारों को ‘पत्रकार गौरव’ सम्मान से सम्मानित करता है. यह इस आयोजन का 21 वां वर्ष है. इस बार जहां प्रदीप सरदाना को पत्रकार भूषण प्रदान किया गया गया. वहाँ जाने माने साहित्यकार प्रो. अनिल राय को ‘साहित्यकार भूषण’ से और वरिष्ठ पत्रकार आलोक द्विवेदी, आशुतोष गुप्ता, डॉ महकार सिंह और दैनिक हिन्द आत्मा के सम्पादक अशोक कौशिक को ‘पत्रकार गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया गया.

उल्लेखनीय है प्रदीप सरदाना ने हाल ही में लेखन, पत्रकारिता में 50 वर्ष पूर्ण किए हैं. वह देश के सबसे कम उम्र के संपादक होने के साथ देश में टीवी पर पत्रकारिता के जनक भी हैं. पत्रकारिता के तीनों प्रमुख माध्यम प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक में सक्रिय प्रदीप सरदाना का नाम प्रमुख राष्ट्रीय न्यूज चैनल्स पर 4 दिन में 52 घंटे लाइव रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *