दिल्‍ली-एनसीआर राज्यसभा चुनाव: एनडीए ने 11 में से 9 सीट पर जीत दर्ज की, विपक्षी दलों की कोशिशें नाकाम
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राज्यसभा चुनाव: एनडीए ने 11 में से 9 सीट पर जीत दर्ज की, विपक्षी दलों की कोशिशें नाकाम

दिल्ली : हरियाणा, बिहार और ओडिशा में सोमवार को राज्यसभा की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की. भाजपा की रणनीति के आगे विपक्षी दलों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं. विपक्षी दल सिर्फ दो जीत पाए. भाजपा ने 5 सीट और उसके सहयोगी दलों ने 4 सीट पर जीत दर्ज की. कांग्रेस और बीजेडी ने राज्यसभा की एक-एक सीट हासिल की.

ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा की चार सीट में से दो पर जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और भाजपा समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट जीती. निर्वाचन अधिकारी और ओडिशा विधानसभा सचिव सत्यव्रत राउत ने चारों नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रमाणपत्र सौंपा.

ओडिशा भाजपा के अध्यक्ष मनमोहन सामल और पार्टी के सांसद सुजीत कुमार को 35-35 वोट मिले. बीजेडी उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा ने 31 वोट हासिल कर चुनाव जीता. भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे ने द्वितीय वरीयता के मतों के माध्यम से चौथी सीट पर कब्जा किया. उन्होंने विपक्ष समर्थित उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हराया. अधिकारी ने बताया कि दिलीप रे और होता दोनों को 23-23 प्रथम वरीयता के वोट मिले.

चुनाव में 147 विधानसभा सदस्यों ने मतदान किया. इस प्रक्रिया में क्रॉस-वोटिंग देखने को मिली, जिसमें कई विपक्षी विधायकों ने भाजपा उम्मीदवारों और भाजपा समर्थित निर्दलीय का कथित तौर पर समर्थन किया. विपक्ष के उप-मुख्य सचेतक एवं बीजेडी विधायक पीके देव ने दावा किया कि बीजेडी के आठ विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की.

इससे पहले, कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा था कि उनकी पार्टी के तीन विधायकों ने पार्टी निर्णय के खिलाफ मतदान कर भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन किया. दास ने दावा किया, “हमारे तीन विधायकों रमेश जेना, दाशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस ने पार्टी के फैसले के खिलाफ मतदान किया.

बिहार में एनडीए ने सभी 5 सीटें जीतीं

बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए ने द्विवार्षिक चुनाव में पांचों राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल की. राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (जेडीयू), भाजपा के शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के लिए लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं, जबकि भाजपा के शिवेश कुमार के राज्यसभा पहुंचने से राज्य से संसद में पार्टी को दलित चेहरा मिलेगा. उपेंद्र कुशवाहा लगातार दूसरी बार संसद के उच्च सदन के लिए चुने गए हैं.

जेडीयू के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि पांचों उम्मीदवार जीत गए हैं. इनमें से चार उम्मीदवार पहली वरीयता के मतों के आधार पर निर्वाचित हुए, जबकि एक उम्मीदवार को दूसरी वरीयता के मतों के आधार पर विजयी घोषित किया गया. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पांचों में से किस उम्मीदवार को दूसरी वरीयता के मतों के आधार पर जीत मिली.

हरियाणा में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध निर्वाचित

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस पार्टी के करमवीर सिंह बौद्ध को निर्वाचित घोषित किया गया. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात संवाददाता सम्मेलन में दोनों नेताओं को उनकी जीत पर बधाई दी. अधिकारियों ने बताया कि पांच वोट अमान्य घोषित किए गए जिनमें चार कांग्रेस के और एक भाजपा का है.

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए तीन उम्मीदवार – भाजपा के भाटिया (58), कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध (61) और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) चुनाव मैदान में थे. भाजपा समर्थित नांदल को हार का सामना करना पड़ा. मुख्यमंत्री सैनी ने निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा प्राप्त कुल वोट का हवाला देते हुए कहा कि नांदल कांग्रेस उम्मीदवार से मामूली अंतर से हार गए. सैनी ने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित कर दिए गए.

हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले और कांग्रेस के साथ विश्वासघात करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. क्रॉस-वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायकों के बारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से कहा, “मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन लोगों को समझ आ गया है और जनता उन्हें सबक सिखाएगी.

निर्वाचन आयोग ने लिए 18 फरवरी को हर दो साल में होने वाले राज्यसभा चुनाव की घोषणा की थी, जिसके तहत 10 राज्यों में खाली हुईं 37 सीटों पर चुनाव कराया गया. असम, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना से 37 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है.

26 उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए, जिनमें बीजेपी के सात, कांग्रेस के पांच, तृणमूल कांग्रेस के चार, DMK के तीन, और शिवसेना, आरपीआई (A), एनसीपी, NCP(SP), AIADMK, पीएमके, और UPPL के एक-एक उम्मीदवार हैं. निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में शरद पवार, अभिषेक सिंघवी, तिरुचि शिवा, विनोद तावड़े और अन्य शामिल हैं.

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