दिल्‍ली-एनसीआर महाकुंभ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगाई आस्था की डुबकी, सूर्य को अर्घ्य देकर किए मां गंगा को पुष्प अर्पित
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महाकुंभ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगाई आस्था की डुबकी, सूर्य को अर्घ्य देकर किए मां गंगा को पुष्प अर्पित

दिल्‍ली: सोमवार को महाकुंभ पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम में 3 बार आस्था की डुबकी लगाई. इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने भगवान सूर्य को अर्घ्य और मां गंगा को पुष्पांजलि अर्पित की. बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसके बाद गंगा की पूजा और आरती करेंगी और अक्षयवट और लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगी. संगम में राष्ट्रपति के साथ सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी हैं.

महाकुंभ में राष्ट्रपति के साथ सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहें. राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरा था. यहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया. एयरपोर्ट से राष्ट्रपति अरैल घाट पहुंचीं. राष्ट्रपति ने अरैल घाट से नाव के जरिए संगम पहुंचकर डुबकी लगाई. राष्ट्रपति शाम चार बजे तक प्रयागराज तक प्रयागराज में ही मौजूद रहेंगी। द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने महाकुंभ में पवित्र डुबकी लगाई है.

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करीब 8 घंटे तक प्रयागराज महाकुंभ में रहेंगी. वह संगम स्नान के बाद लेटे हनुमान जी के मंदिर और अक्षय वट के दर्शन करने भी जाएंगी. राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. बताया जाता कि इससे पहले देश की आजादी के बाद 1954 में पड़े कुंभ में देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया था.

बता दें कि महाकुंभ का आज 29वां दिन है. 13 जनवरी से अब तक 43.57 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई हैं. आज सुबह 10 बजे तक 63 लाख लोग डुबकी लगा चुके हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी परिवार के साथ संगम में डुबकी लगाई. इसके साथ ही उन्होंने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। प्रयागराज शहर में 29वें दिन भी जबरदस्त भीड़ है. इसे देखते हुए अरैल घाट से संगम तक बोट की सेवा को बंद कर दिया गया है.

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