दिल्ली: लोकसभा चुनाव के 7वें और अंतिम चरण के तहत शनिवार 1 जून को 8 राज्यों और एक केंद शासित प्रदेश की कुल 57 सीटों पर वोटिंग होनी है. इन सीटों पर चुनाव प्रचार आज खत्म हो गया है. प्रचार अभियान की के अंत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा पर ध्यान लगाने के लिए कन्याकुमारी पहुंच गए हैं. लोकसभा चुनाव के लिए देश भर में पिछले 75 दिनों के दौरान पीएम ने 206 चुनावी रैलियां, रोड शो और चुनाव से जुड़े अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान 80 से ज्यादा मीडिया इंटरव्यू भी दिए.
चुनावी शोर थमने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कन्याकुमारी के उसी प्रसिद्ध विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर ध्यान करेंगे जहां पर स्वामी विवेकानंद ने तीन दिनों तक तपस्या करते हुए विकसित भारत का सपना देखा था. एक जून तक यहां पीएम रहेंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह वही स्थान है, जहां देवी पार्वती ने एक पैर पर खड़े होकर भगवान शिव की प्रतीक्षा की थी. यह भारत का सबसे दक्षिणी छोर है, जहां पर पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट आपस में मिलते हैं. यह क्षेत्र हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का मिलन स्थल भी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कन्याकुमारी पहुंचकर सबसे पहले मां भगवती अम्मन मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे. इसके बाद वह विवेकानंद रॉक मेमोरियल जाएंगे, जहां ध्यान मंडपम में वह एक जून तक मेडिटेशन करेंगे. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी विवेकानंद रॉक मेमोरियल में लगभग 45 घंटे तक रहेंगे और एक जून की शाम को वह दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं. एक जून की शाम को रवाना होने से पहले वह तमिल कवि तिरुवल्लुवर की 133 फीट ऊंची प्रतिमा भी देखने जाएंगे.
लोकसभा चुनाव की समाप्ति के बाद भी पीएम मोदी की यह कन्याकुमारी यात्रा एक तरफ जहां तमिलनाडु के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता एवं प्रेम को व्यक्त करती है, वहीं इससे यह भी पता लगता है कि विकसित भारत और 2047 के अपने संकल्प को लेकर वह कितने गंभीर और प्रतिबद्ध है. वह कन्याकुमारी में ध्यान लगाकर देशवासियों को राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देना चाहते हैं.

