दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी को उनके प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्व के लिए घाना के राष्ट्रीय सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया. मोदी ने बुधवार को घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से यह पुरस्कार हासिल किया.
प्रधानमंत्री ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित होने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं.” मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए बहुत गर्व और सम्मान की बात.
I thank the people and Government of Ghana for conferring ‘The Officer of the Order of the Star of Ghana’ upon me. This honour is dedicated to the bright future of our youth, their aspirations, our rich cultural diversity and the historical ties between India and Ghana.
This… pic.twitter.com/coqwU04RZi
— Narendra Modi (@narendramodi) July 2, 2025
उन्होंने कहा, “मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से विनम्रतापूर्वक यह पुरस्कार स्वीकार करता हूं.” उन्होंने इसे दोनों देशों के युवाओं की आकांक्षाओं और उज्ज्वल भविष्य, घाना और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विविधता को समर्पित किया.
उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “यह सम्मान एक जिम्मेदारी भी है. भारत-घाना की दोस्ती को और मजबूत बनाने के लिए काम करना. भारत हमेशा घाना के लोगों के साथ खड़ा रहेगा और एक भरोसेमंद दोस्त और विकास भागीदार के रूप में योगदान देना जारी रखेगा.”
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री को उनकी “प्रतिष्ठित राजनेता और प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्व” के सम्मान में दिया गया. इस विशेष सम्मान के लिए घाना के लोगों और सरकार को धन्यवाद देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि “दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्य और परंपराएं साझेदारी को पोषित करती रहेंगी.
उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच दोस्ती को और गहरा करता है और द्विपक्षीय संबंधों को अपनाने और आगे बढ़ाने की नई जिम्मेदारी उन पर डालता है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मोदी ने विश्वास जताया कि घाना की उनकी “ऐतिहासिक” राजकीय यात्रा भारत-घाना संबंधों को नई गति प्रदान करेगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “यह भारत-घाना के गहरे और दीर्घकालिक संबंधों का प्रमाण है.” इससे पहले, मोदी ने महामा के साथ व्यापक वार्ता की. इसके बाद भारत और घाना ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया.
प्रधानमंत्री अपनी 5 देशों की यात्रा के पहले चरण में घाना में हैं. यह तीन दशकों में भारत से घाना की पहली प्रधानमंत्री यात्रा है.
