दिल्‍ली-एनसीआर 77 वाॅ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांधी नगर (दिल्ली) में हुआ, ध्वजारोहण का रंगारंग कार्यक्रम
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77 वाॅ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांधी नगर (दिल्ली) में हुआ, ध्वजारोहण का रंगारंग कार्यक्रम

दिल्ली: डी.ए.वी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांधीनगर में दिनांक 24/01/2026 को 77 वाॅ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. जिसमें आए हुए अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण से कार्यक्रम का शुभारंभ कराया गया तत्पश्चात दीप प्रज्वलन से मां सरस्वती के चरणों में नमन किया तथा छोटे-छोटे छात्रों ने मां सरस्वती का पूजन किया. मंच संचालन करते हुए गजराज जी द्वारा अतिथियों का परिचय करवाया गया. मुख्य अतिथि के रूप में दीपक गाबा, अध्यक्ष जिला शाहदरा भाजपा नरेश सिक्का अध्यक्ष गारमेंट मार्केट अशोक गली गांधीनगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख सतीश शर्मा चौधरी जय राज सिंह संरक्षक आपकी छोटी सी कोशिश एनजीओ से एवं प्रिया कंबोज जी निगम पार्षद गांधीनगर उपस्थित रहे. साथ ही विद्यालय के अध्यक्ष नरेश शर्मा विद्यालय प्रबंधक श्रीमान गिरजेश रस्तोगी भी उपस्थित रहे.

आयोजन में सर्वप्रथम छोटे-छोटे छात्रों द्वारा वंदे मातरम गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया कक्षा नवी के छात्रों द्वारा सुंदर संदेश देते हुए नाट्य प्रस्तुति की गई कक्षा छठी के छात्रों ने एक छोटी सी कविता प्रस्तुत की, एंव दीपक जी ने अपने विचारों से सभी को लाभान्वित किया उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि हमारे संविधान ने हमें अधिकार तो दिए हैं, पर साथ ही जिम्मेदारियां भी दी हैं। जिसको हमें अपने संस्कारों द्वारा पूर्ण करना है तथा अपने देश का सम्मान और नाम सदैव बनाए रखना है. कक्षा 7 के छात्रों ने 26 जनवरी गीत पर बहुत सुंदर नृत्य प्रस्तुति की एवं विद्यालय के छात्रों द्वारा योगाभ्यास का बहुत सुंदर चित्र प्रस्तुत किया गया उन्होंने योग से ऐसे ऐसे करतब कर दिखाएं जो देखते ही बनते थे. तत्पश्चात निगम पार्षद श्रीमती प्रिया कंबोज द्वारा गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई एवं आपकी छोटी सी कोशिश एनजीओ द्वारा जरूरतमंद छात्रों को जूते प्रदान किए गए.

विद्यालय के मैनेजर गिरजेश द्वारा छात्रों को देश के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करने का संदेश दिया एंव आजादी के इस अवसर पर उन्होंने चंद लाइनों द्वारा अपने भाव व्यक्त किये “जब शहीदों की अर्थी उठे धूम से देश वालों तुम आंसू बहाना नहीं ए वतन ए वतन हमको तेरी कसम तेरी राहों में जातक लूट जाएंगे…..”. उसके पश्चात हिंदी अध्यापिका श्रीमती तनुजा कसाना द्वारा रचित कविता की प्रस्तुति कक्षा दसवीं के छात्र उत्कर्ष द्वारा प्रस्तुत की गई” यूं ही नहीं मिली आजादी वीरों ने कुर्बानी दी थी… इसके बाद चौधरी जयराम (संरक्षक’- आपकी छोटी सी कोशिश NGO)ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी. किन क्षेत्रों में उन्होंने लोगों की सेवाएं की है उसको भी बताया तथा बच्चों को देश के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वचन दिए, उन्होंने इस अवसर पर देश के शहीदों को भी नमन किया तत्पश्चात शाहदरा जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश सिक्का ने 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संविधान का महत्व बताया तथा सर्वप्रथम हमारा राष्ट्र सर्वोपरि है, छात्रों को समझाया.

विद्यालय अध्यक्ष नरेश शर्मा द्वारा अपने वक्तव्य में बताया गया कि हम किस प्रकार अपने देश को ,अपने देश के संविधान को सुरक्षित रख सकते हैं. किस प्रकार हम संविधान के बने नियमों का पालन कर सकते हैं. इसके बाद विद्यालय आचार्य एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख सतीश शर्मा ने बसंत पंचमी के शुभकामनाएं देते हुए छात्रों को वीर हकीकत की कहानी सुनाई उन्होंने बताया कि किस हकीकत राय भागमल पुरी के इकलौते पुत्र थे और पढ़ाई में बहुत तेज थे. उस समय हिंदू छात्रों को मुल्ला-मौलवियों से शिक्षा लेनी पड़ती थी. एक दिन उनके मुस्लिम सहपाठियों ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया. जब उन्होंने बार-बार ऐसा किया, तो हकीकत ने पलटकर कहा कि अगर मेरे धर्म के लिए कुछ बोलोगे तो मैं भी चुप नहीं रहूँगा, और उनपर भी टिप्पणी की। इसे ‘ईशनिंदा’ (blasphemy) मानकर मामला ज़कारिया खान की अदालत में लाया गया. हकीकत को इस्लाम कबूल करने या मौत की सजा का विकल्प दिया गया.

12 वर्षीय वीर हकीकत राय ने अपने धर्म को नहीं छोड़ा और मौत को गले लगाना बेहतर समझा. उन्हें सजा सुनाई गई और मौत के समय भी वे ‘राम, राम’ का जाप कर रहे थे. इस वीर बालक की शहादत (बसंत पंचमी के दिन) ने लोगों को धर्म रक्षा के लिए प्रेरित किया. एवं पृथ्वीराज चौहान की कथा भी सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया,मौहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को बंदी बनाकर गजनी ले गया और उनकी आँखें गर्म सलाखों से जलवा दीं. कवि चंदबरदाई ने गोरी को विश्वास दिलाया कि पृथ्वीराज शब्दभेदी बाण (आवाज सुनकर निशाना लगाना) चलाने में निपुण हैं. गोरी ने इस कला को देखने की इच्छा जताई. महफिल में, जब पृथ्वीराज चौहान को मौका मिला, तब चंदबरदाई ने एक दोहा पढ़कर गोरी के बैठने की सही जगह बताई:

“चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण, ता ऊपर सुल्तान है, मत चूके चौहान”।

वध और अंत: दोहा सुनकर पृथ्वीराज ने गोरी की दिशा में तीर चलाया जो सीधे गोरी की गले में जा लगा. इसके बाद, दुश्मनों के हाथों मारे जाने से बचने के लिए, पृथ्वीराज चौहान और चंदबरदाई ने एक-दूसरे को मार डाला। उन्होंने और भी देशभक्तों को याद किया तथा छात्रों को देशभक्त बनने के लिए प्रेरित किया. तत्पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान लखीराम ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी तथा आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया. आपकी छोटी सी कोशिश के अध्यक्ष दीपक चौधरी भी आयोजन में उपस्थित रहे.

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