दिल्‍ली-एनसीआर

केरल में पीएम मोदी ने विझिंजम पोर्ट का किया उद्घाटन, बोले-नए युग के विकास का प्रतीक

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को करीब 8,900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘विझिंजम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट’ को राष्ट्र को समर्पित किया. इस अवसर पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी मौजूद रहे. केरल सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित किया गया है. बता दें, पीएम मोदी आज केरल और आंध्र प्रदेश के दौरे पर हैं.

विझिंजम बंदरगाह का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक तरफ विशाल समुद्र है जिसमें अनेक अवसर हैं और दूसरी तरफ प्रकृति की सुंदरता है, इन दोनों के बीच यह ‘विझिंजम अंतरराष्ट्रीय गहरे पानी वाला बहुउद्देशीय बंदरगाह’ है, जो नए युग के विकास का प्रतीक है. उन्होंने विझिंजम बंदरगाह के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सीएम से कहना चाहता हूं, आप INDI गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं, शशि थरूर भी यहां बैठे हैं. आज का कार्यक्रम कई लोगों की नींद में खलल डालने वाला है.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंचे, जहां सीएम पिनाराई विजयन, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनका स्वागत किया.

इस मौके पर शशि थरूर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि दिल्ली हवाई अड्डे पर देरी के बावजूद, मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर उनका स्वागत करने के लिए समय पर तिरुवनंतपुरम में उतरने में कामयाब रहा. विझिंजम बंदरगाह के आधिकारिक रूप से चालू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं, यह एक ऐसी परियोजना है, जिसके शुरू होने से ही मैं इससे जुड़ा रहा हूं.

केरल में कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी आंध्र प्रदेश के अमरावती जाएंगे, जहां उनके दोपहर करीब 3:30 बजे पहुंचने की उम्मीद है. वहां वह 58,000 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इनमें सात राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें राजमार्ग खंडों का चौड़ीकरण, सड़क ओवरब्रिज, सबवे और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शामिल है, जिसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और अंतरराज्यीय यात्रा और रसद दक्षता में सुधार करना है. इसके अलावा, कई रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *