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79 वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं, बोले- विकसित भारत के निर्माण को मिले नई गति

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर 103 मिनट का भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने तमाम बातों को जिक्र किया. उन्होंने दुश्मन देशों को भी सख्त चेतावनी दी. उन्होंने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर से लेकर न्यूक्लियर धमकियों तक का जिक्र किया. उन्होंने यह भी कहा कि देश में खून और पानी अब साथ-साथ नहीं बहेगा.

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अब भारत देश न्यूक्लियर धमकियों से डरने वाला नहीं है. अब समय बदल गया है. उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश के वीर सपूतों ने दुश्मन देशों को उनकी सोच से परे सजा दी है, जिसे सबने देखा है.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बार का स्वतंत्रता दिवस काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें यहां लाल किले से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को सैल्यूट करने का मौका जो मिला है. उन्होंने आगे कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में सीमापार से आए आतंकियों ने जिस तरह खून-खराबा किया, उसे देखकर सभी भारतवासियों का खून खौल गया. आतंकियों ने धर्म पूछकर पत्नियों के सामने पति को गोली मार दी. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर उसी का जवाब है. पीएम ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में ऐसी तबाही मची है, जिसके हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत का समय अब बदल चुका है. हमने कई दशकों तक आतंक को झेला है. अब भारत को अगर कोई छेड़ेगा तो भारत उसे छोड़ेगा नहीं. अब आतंकियों को ईंट का जवाब पत्थर से मिल रहा है और आगे भी मिलेगा. ये लोग मानवता के दुश्मन हैं. उन्होंने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि भारत न्यूक्लियर धमकियों को बहुत समय से सुनता आ रहा है, लेकिन अब हमने ठान लिया है कि अब इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सिंधु जल समझौते को लेकर भी पीएम मोदी ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि हमारे देश ने तय कर लिया है कि खून और पानी अब साथ-साथ नहीं बहेंगे. भारतीय नदियों का जल देश के किसानों के लिए है. उन्होंने कहा कि सिंधु जल समझौता एक धोखा, एकतरफा और अन्यायपूर्ण था, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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