दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि विज्ञान के प्रति उत्साहपूर्ण भाव रखने वाले लोगों, विशेषकर हमारे युवा अन्वेषकों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई. आइए विज्ञान और नवाचार को लोकप्रिय बनाते की दिशा में कार्य करते रहे और एक विकसित भारत के निर्माण के लिए विज्ञान का लाभ उठाते रहें. इस महीने के मन की बात के दौरान, ‘एक वैज्ञानिक के रूप में एक दिन’ कार्य करने के बारे में बात की थी…जहां युवा किसी न किसी वैज्ञानिक गतिविधि में भाग लेते हैं.
Greetings on National Science Day to those passionate about science, particularly our young innovators. Let’s keep popularising science and innovation and leveraging science to build a Viksit Bharat.
During this month’s #MannKiBaat, had talked about ‘One Day as a… pic.twitter.com/iXIYwSmdDr
— Narendra Modi (@narendramodi) February 28, 2025
इससे पहले 23 फरवरी को मन की बात के अपने 119वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा था कि वह बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करेंगे. आने वाले दिनों में हम राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाएंगे. हमारे बच्चों और युवाओं की विज्ञान में रुचि और जुनून बहुत मायने रखता है. इसके लिए मेरे पास एक विचार है, जिसे आप ‘वन डे एज ए साइंटिस्ट’ कह सकते हैं. यानी आपको एक दिन वैज्ञानिक के तौर पर बिताने की कोशिश करनी चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि आप अपनी सुविधा और पसंद के हिसाब से कोई भी दिन चुन सकते हैं. उस दिन आपको किसी रिसर्च लैब, प्लेनेटेरियम या स्पेस सेंटर में जाना चाहिए. इससे विज्ञान के प्रति आपकी जिज्ञासा बढ़ेगी.
बता दें कि 1986 में भारत सरकार ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की घोषणा के उपलक्ष्य में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित किया. यह पदार्थ द्वारा प्रकाश के अप्रत्यास्थ प्रकीर्णन को संदर्भित करता है, जिसके परिणामस्वरूप प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति में बदलाव होता है. सरल शब्दों में, यह प्रकाश की तरंगदैर्घ्य में परिवर्तन है जो तब होता है जब प्रकाश किरण अणुओं द्वारा विक्षेपित होती है.
रमन प्रभाव रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का आधार बनता है, जिसका उपयोग रसायनज्ञों और भौतिकविदों द्वारा पदार्थों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है. स्पेक्ट्रोस्कोपी पदार्थ और विद्युत चुम्बकीय विकिरण के बीच परस्पर क्रिया का अध्ययन है.
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस रोजमर्रा की जिंदगी में विज्ञान के महत्व को बढ़ावा देने और मानवता की बेहतरी के लिए वैज्ञानिक क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों, प्रयासों और उपलब्धियों को उजागर करने के लिए मनाया जाता है.
इस उत्सव का उद्देश्य मुद्दों को संबोधित करना, नवीन तकनीकों को पेश करना और विज्ञान में विकास को बढ़ावा देना है. यह भारत में वैज्ञानिक सोच वाले व्यक्तियों के लिए एक मंच प्रदान करता है, जो जनता के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित और लोकप्रिय बनाता है.
