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नए आपराधिक कानूनों की पहली सालगिरह पर गृह मंत्री बोले- देश में कहीं भी हो FIR, 3 साल में मिलकर रहेगा न्याय

दिल्ली: नए आपराधिक कानूनों के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘न्याय प्रणाली में विश्वास का स्वर्णिम वर्ष’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे.

नए आपराधिक कानूनों के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज नई दिल्ली में आयोजित ‘न्याय प्रणाली में विश्वास का स्वर्णिम वर्ष’ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि ने कहा कि नए आपराधिक क़ानूनों पर आज एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया है. उन्होंने कहा कि जब यह प्रदर्शनी चंडीगढ़ में लगाई गई थी तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से इस प्रदर्शनी को देश के हर राज्य में लगाने को कहा था ताकि पत्रकार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बार एसोसिएशन के सभी सदस्य, सभी न्यायिक अधिकारी और विशेषकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी इसे देखकर नए आपराधिक क़ानूनों के बारे में जान सकें.

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानून affordable, accessible और approachable होने के साथ ही न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुसंगत और पारदर्शी भी बनाएंगे. उनके नेतृत्व में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय से युक्त शासन का एक स्वर्णिम कालखंड शुरु होने वाला है.

अमित शाह ने कहा कि पिछले एक साल में लगभग 14 लाख 80 हज़ार पुलिसकर्मियों, 42 हज़ार जेलकर्मियों, 19 हज़ार से अधिक न्यायिक अधिकारियों और 11 हज़ार से अधिक पब्लिक प्रॉसीक्यूटर्स का प्रशिक्षण हुआ है. उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में लगातार रिव्यू बैठकें की हैं और 23 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों ने शत-प्रतिशत क्षमता निर्माण का काम पूरा कर दिया है. 11 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में ई-साक्ष्य और ई-समन, 6 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में न्याय श्रुति और 12 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में सामुदायिक सेवा की अधिसूचना जारी कर दी गई है.

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