नोएडा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के विकास के लिए भूमि दे रहे किसानों की मनचाही मुराद पूरी कर दी है. राजधानी में मुख्यमंत्री आवास पर किसानों के साथ खुले संवाद के बीच सीएम ने जेवर एयरपोर्ट के लिए तीसरे चरण के भूमि अधिग्रहण के एवज में देय प्रतिकर को ₹3100/वर्गमीटर से बढ़ाकर ₹4300/वर्गमीटर तक करने की घोषणा की. इसके अलावा नियमानुसार ब्याज भी देय होगा.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अधिग्रहण से प्रभावित हर एक किसान परिवार के व्यवस्थापन, रोजगार और सेवायोजन के भी समुचित प्रबंध किए जाएंगे. मुख्यमंत्री की घोषणा को मनचाही मुराद बताते हुए सभी किसानों ने ‘जय श्रीराम’ के नारे से मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और कहा कि अब लखनऊ से सीधा अयोध्याधाम जाकर श्रीरामलला के दर्शन-पूजन करेंगे. इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से एशिया के इस सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया जाएगा.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में बन रहा है, इस विकास का श्रेय अन्नदाता किसानों को जाता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लिए तीसरे चरण के भूमि अधिग्रहण के एवज में देय प्रतिकर को ₹3,100/वर्गमीटर से बढ़ाकर… pic.twitter.com/WEgS4jcxqP
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 20, 2024
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर शुक्रवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के अंतिम फेज के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के साथ विस्तार से बातचीत की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीईओ यीडा को मंच पर बुलाया और अब तक दो चरणों में हुए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित किसान परिवारों के व्यवस्थापन के बारे में पूछा. सीईओ ने किसानों के सामने मुख्यमंत्री को एक-एक कर सारी गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि वर्तमान में केवल उन्हीं को प्रतिकर दिया जाना शेष है, जिनका उत्तराधिकार, वरासत आदि से संबंधित प्रकरण लंबित है. मुख्यमंत्री ने सीईओ को हर एक किसान से मिलने और उनकी समस्याओं के निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर की वेलीडेशन फ्लाइट की सफलतापूर्वक लैंडिंग विगत 9 दिसंबर को की जा चुकी है और अप्रैल 2025 से यहां से उड़ान सेवा भी प्रारंभ हो जाएगी. अब यहां 40 एकड़ क्षेत्रफल में एमआरओ का भी विकास होगा. यहां दुनिया भर के विमानों का मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग भी किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी ईस्टर्न पेरीफेरल रोड से भी यमुना एक्सप्रेस वे पर इंटर्चेंज बनाकर की जाएगी. दिल्ली वाराणसी हाई स्पीड रेल से भी नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल के पास स्टेशन बनाकर जोड़ा जाना है.
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की डीपीआर का अनुमोदन राज्य सरकार द्वारा दिया जा चुका है तथा इसे अंतिम अप्रूवल के लिये भारत सरकार को भेजा गया है. यही नहीं, नोएडा-जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल से भी जोड़ा जा रहा है, जिसका स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल के पास होगा. इसके बाद दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी मात्र 21 मिनट में तय होगी. इसके अलावा, नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे से बल्लभगढ़ (हरियाणा) से जोड़ा जा चुका है. यह 30 किमी लम्बा है, जिसमें से 8.5 किमी उत्तर प्रदेश में व 21.5 किमी हरियाणा में स्थित है. एनएचएआई द्वारा निर्माण की कार्रवाई की जा रही है.

