दिल्ली: सरकार की तरफ से मंगलवार को देवी (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) पहल के अंतर्गत 9 मीटर की इलेक्ट्रिक बस सड़कों पर उतारने की घोषणा की गई थी. लेकिन, धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के निधन के कारण इसे फिलहाल स्थगित दिया गया है. इस बात की जानकारी सीएम रेखा गुप्ता ने ‘एक्स’ के माध्यम से दी.
उन्होंने लिखा, प्रिय दिल्लीवासियों धर्मगुरु महामहिम पोप फ्रांसिस जी के निधन पर भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय शोक की वजह से DEVI योजना के तहत शुरू होने वाली इलेक्ट्रिक बसों की लॉन्चिंग को स्थगित कर दिया गया है. नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी.
प्रिय दिल्लीवासियों
धर्मगुरु महामहिम पोप फ्रांसिस जी के निधन पर भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय शोक की वजह से DEVI योजना के तहत शुरू होने वाली इलेक्ट्रिक बसों की लॉन्चिंग को स्थगित कर दिया गया है। नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 22, 2025
दरअसल आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में 9 मीटर की छोटी बसें दिल्ली की कॉलोनियों में चलाने की योजना बनाई गई थी. इस योजना को देवी नाम से ब्रांडिंग कर अब सड़कों पर उतारने की तैयारी है. इस पहल का मकसद दिल्ली में बसों में यात्रा करने वालों के अनुभव में सुधार करना है. बसों के अधिकांश रास्तों को लेकर पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है. इन बसों में कामन मोबिलिटी कार्ड से भी किराया लिया जाएगा. घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने की योजना के तहत यह बसें चलाई जाएंगी.
परिवहन मंत्री के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कुछ और छोटी बसें दिल्ली में चलनी शुरू हो जाएंगी. इनका रूट छोटा होगा. दिल्ली सरकार दिल्ली की हर कालोनी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने की दिशा में काम कर रही है, चाहे वह अवैध कॉलोनी ही क्यों न हो. इन बसों को चलाने से पहले रूटों का सर्वे कराया गया था.
उन्होंने कहा, इस दौरान पाया गया था कि संगम विहार, उत्तम नगर के आसपास की कालोनियां, बुराड़ी के आसपास की अवैध कालोनियां व क्लस्टर समेत अन्य कई इलाकों में बड़ी संख्या में पब्लिक रहती है. लेकिन, इन कालोनियों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में लोगों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है, क्योंकि बड़ी बसें अंदर तक नहीं जा पाती हैं. दरअसल, उन्हें मुड़ने के लिए बड़ी जगह आवश्यकता होती है. इस समस्या को देखते हुए हमने दावा किया था कि हम 500 मीटर के यादरे में एक न एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराएंगे. भले ही वह ऑटो, बस या मेट्रो हो. इन इलाकों में सबसे पहले छोटी बसों को चलाया जाएगा. इसका रूट 12 किलोमीटर का होगा.

